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आपने ये कहावत तो सुनी होगी कि रोजाना का एक सेब आपको डॉक्टर से दूर रखने में मदद कर सकता है। ये कहावत सही है लेकिन जब आप रोजाना फल और सब्जियां खाते हैं तो ये आपके शरीर को फायदा पहुंचाने का काम करती हैं। अगर आप क्रॉनिक किडनी डिजीज से परेशान हैं तो आपकी फलों और सब्जियों को खाने की आदत आपकी जल्द मृत्यु के खतरे को कम करने में मदद करती है। जर्नल ऑफ रेनल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में ये दावा किया गया है कि वे लोग, जो बहुत मात्रा में फल व सब्जियां खाते हैं उन्हें क्रॉनिक किडनी रोग से मरने का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
बता दें कि क्रॉनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों को बहुत ज्यादा मात्रा में फलों व सब्जियों के सेवन से मना किया जाता है क्योंकि इससे हाइपरकैलिमिया का खतरा होता है। हालांकि इस स्टडी में ये बताया गया है कि फलों व सब्जियों के कम सेवन से मरने का खतरा ज्यादा होता है फिर चाहे उन्हें किडनी से जुड़ी बीमारी हो या नहीं।
जापान के मिनाको वाकासुगी और उनके सहयोगियों ने फलों व सब्जियों के सेवन और क्रॉनिक किडनी रोग से जुड़ी हुई मृत्युदर के बीच संबंध का पता लगाने की कोशिश की। इसके साथ ही डाइट में बदलाव की मौजूदगी का भी पता लगाने की कोशिश की गई।
इस स्टडी में 69 साल की औसत उम्र के 2006 मरीजों से प्राप्त डेटा शामिल है, जो कि 2008 से 2016 के बीच अस्पताल में भर्ती हुए थे। इनमें से 7 फीसदी हीमोडायलिसिस और 45 फीसदी नॉन डायलिसिस मरीज शामिल थे। इस अध्ययन से जो परिणाम सामने आए वो थेः
1- फलों और सब्जियों के नियमित सेवन से क्रॉनिक किडनी रोग के बिगड़ने का खतरा काफी कम हो जाता है।
2- फलों और सब्जियों का सेवन करने से क्रॉनिक किडनी रोगके शिकार लोगों में बेसलाइन सीरम पोटेशियम लेवल परतों में व्यवस्थित पाया गया।
3- 5 साल 7 महीने के औसतन फॉलो अप के दौरान सिर्फ 561 लोगों की मौत हुई, जो कि प्रति हजार पुरुषों पर 47.1 का अनुपात था।
अध्ययन के मुताबिक क्रॉनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों पर बारीकी से नजर रखी गई, जिसमें ये पाया गया कि फलों व सब्जियों का नियमित सेवन क्रॉनिक किडनी रोग में मरने वाले सभी प्रकार के रोगियों और तो और जिन्हें ये रोग नहीं भी होता है, अक्समात मौत का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।