विश्व किडनी दिवस: भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होती हैं किडनी की बीमारियां !

दुनियाभर में साढ़े तीन अरब से अधिक किडनी की बीमारियों के मरीज़ हैं जिनमें महिलाओं की तादाद 1.9 अरब है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : March 8, 2018 5:05 PM IST

दुनियाभर में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों में महिलाओं की तादाद पुरुषों से कहीं अधिक है, जिसका मुख्य कारण लापरवाही है। यह बात गुरुवार को यहां वर्ल्ड किडनी डे पर आयोजित एक कार्यक्रम में एक्सपर्ट्स ने कही। विशेषज्ञों ने बताया कि देश के ग्रामीण इलाकों में किडनी की बीमारियों को लेकर महिलाओं में जागरूकता फैलाने की जरूरत है जिससे वे अपनी देखभाल कर पाएं और समय पर जांच व इलाज कराएं।

विश्व गुर्दा दिवस व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह कार्यक्रम दिल्ली के धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में करवाया गया था। इस मौके पर अस्पताल के नेफ्रोलोजी व गुर्दा प्रत्यारोपण विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुमन लता नायक ने कहा कि महिलाओं को अपनी लाइफ स्टाइल को ठीक रखनी चाहिए और किडनी से जुड़ी कोई तकलीफ होने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए। उन्होंने बताया कि डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन से किडनी की तकलीफें बढ़ती हैं, इसलिए खाने पीने की आदतें और जीवनशैली में सुधार लाकर इनपर नियंत्रण रखना ज़रूरी है।

डॉ. नायक ने बताया कि दुनियाभर में साढ़े तीन अरब से अधिक किडनी की बीमारियों के मरीज़ हैं जिनमें महिलाओं की तादाद 1.9 अरब है। उन्होंने बताया ग्रामीण इलाकों में महिलाओं में जागरूकता नहीं होने के कारण किडनी की बीमारी का समय पर इलाज नहीं हो पाता है। डॉ. नायक के मुताबिक, महिलाओं में किडनी की तकलीफें 14 फीसदी होती हैं तो पुरुषों में 12 फीसदी। इसलिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है।

मूत्रविज्ञान व गुर्दा प्रत्यारोपण विभाग के सीनियर कंसल्टेंट विकास जैन ने बताया कि किडनी ख़राब होने पर गुर्दे का प्रत्यारोपण ही सही विकल्प है, लेकिन जागरूकता का अभाव होने के कारण किडनी की उपलब्धता कम है। उन्होंने कहा, "हमारे पास जो लोग किडनी दान करने सामने आ रहे हैं उनमें ज्यादातर अपने रिश्तेदारों की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान देते हैं। जब तक मृत शरीर से किडनी नहीं मिलेगी तब तक किडनी की ज़रूरत पूरी नहीं हो पाएगी। इसलिए लोग अपने अंग दान करने का फैसला करें, संकल्प लें ताकि उनके मरने के बाद उनके अंग किसी के काम आए।"

मूत्ररोग विशेषज्ञ अनिल गोयल ने कहा कि एक किडनी के साथ भी कोई इंसान अपनी पूरी जिंदगी साधारण तरीके से जी सकता है यानि केवल एक किडनी ही काफी है।  इसलिए लोगों को यह सोच बदलनी होगी कि उनकी एक किडनी दान करने से उन्हें आगे कोई तकलीफ हो सकती है।

 स्रोत: IANS Hindi.

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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