चीन के इस 5 स्टेप फॉर्मूला से सुधरेगी दिल्ली की हवा, वायु प्रदूषण का मिटेगा नामो-निशान

China Shares Tips on Delhi Air Pollution : दिल्ली की प्रदूषित हवा कैसे साफ हो सकती है, इसके बारे में भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ जानकारी शेयर की है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : December 17, 2025 12:19 PM IST

China ready to help India with step-by-step guide to beat air pollution: दिल्ली में बढ़ता एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सरकार, प्रशासन और आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। पिछले दिनों दिल्ली में AQI 700 से भी ज्यादा दर्ज किया गया। वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, सर्दी, खांसी और जुकाम की परेशानी हो रही है। दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए चीन ने एक बार फिर भारत की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है।

भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चीन द्वारा वायु प्रदूषण से निपटारे के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। यू जिंग का कहना है कि भारत अगर चीन द्वारा अपनाई गई रणनीतियों को अपनाता है, तो कुछ ही समय में वायु प्रदूषण को कंट्रोल कर सकता है।

भारत कैसे निपट सकता है प्रदूषण से

चीन की प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट में बताया है कि भारत एक सीरीज शुरू करके प्रदूषण पर काबू पा सकता है। इस सीरीज में उन्होंने 6 स्टेप का जिक्र किया है।

Step 1 : बीजिंग ने 'China 6' (जो यूरो 6 के समान है) जैसे दुनिया के सबसे बड़े वाहन उत्सर्जन मानक को लागू किया। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले पुराने और खराब गाड़ियों- वाहनों को सड़क से पूरी तरह से हटा दिया गया। 'लाइसेंस-प्लेट लॉटरी' सिस्टम के जरिए नई कारों के रजिस्ट्रेशन को सीमित किया गया और ऑड-ईवन जैसे नियमों को लागू किया। ताकि सड़कों पर गाड़ियों का संचालन कम हो।

Step 2: चीन ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पेट्रोल- डीजल गाड़ियों की बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया। चीन में आज ज्यादातर गाड़ियां इलेक्ट्रिक हैं।

Step 3 : जो लोग प्राइवेट इलेक्ट्रिक गाड़ियां अफोर्ड नहीं कर सकते हैं, उनके लिए चीन की सरकार ने बीजिंग में दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक मेट्रो और बस नेटवर्क में से एक तैयार किया। इस नेटवर्क को बनाने का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना था, ताकि धुआं और प्रदूषण को कम किया जा सके।

Step 4 : चीन के लिए वायु प्रदूषण की समस्या सिर्फ बीजिंग तक सीमित नहीं थी। बीजिंग में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बीजिंग ने अपने पड़ोसी प्रांतों (तियानजिन और हेबेई) के साथ मिलकर काम किया। पूरे क्षेत्र के लिए एक समान उत्सर्जन कटौती लक्ष्य रखे गए, ताकि पड़ोसी इलाकों का धुआं शहर में न आए।

Step 5: X पर शेयर किए गए पोस्ट में यू जिंग ने साफ किया है कि बीजिंग या भारत के किसी भी शहर की हवा रातों-रात साफ नहीं होती है। इसके लिए निरंतरता और एक संकल्प की जरूरत है। अगर दिल्ली लगातार सही दिशा में निरंतरता के साथ काम करे, तो वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

चीन ने कम किया 60 प्रतिशत तक प्रदूषण

जानकारी के लिए बता दें कि चीन की राजधानी बीजिंग 2013 में गंभीर वायु प्रदूषण से जूझ रही थी। तब चीन की सरकार ने ठोस कदम उठाए और वायु में प्रदूषण को लगभग 60 प्रतिशत तक कम किया जा चुका है। एक्सपर्ट का कहना है कि भारत बीजिंग द्वारा उठाए गए कदमों को अपनाएं तो देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

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