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चीन में नहीं थम रहा निमोनिया का प्रकोप, भारत में बच्चों की सेफ्टी के लिए किए जा रहे हैं ये इंतजाम

चीन में नहीं थम रहा निमोनिया का प्रकोप, भारत में बच्चों की सेफ्टी के लिए किए जा रहे हैं ये इंतजाम

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में अस्पतालों में सभी जरूरी सुविधाओं को उपलब्ध कराए और अपनी तैयारी पूरी रखे।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : December 3, 2023 8:33 AM IST

China Pneumonia Outbreak: चीन में लगातार तेजी से फैल रही निमोनिया की बीमारियों को देखते हुए भारत की केंद्र सरकार ने सुरक्षा-उपाय शुरू कर दिए हैं। केंद्र की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि भारत में इस तरह की बीमारियों का सामना करने और उनसे निपटने के लिए तैयारियां शुरू की जाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में अस्पतालों में सभी जरूरी सुविधाओं को उपलब्ध कराए और अपनी तैयारी पूरी रखे।

अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों पर जरूरी दवाओं के साथ-साथ मेडिकल ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, टेस्टिंग किट जैसी जरूरी चीजों के स्टॉक की सप्लाई पर ध्यान देने और उसका बैकअप रखने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही बच्चों में रेस्परेटरी इंफेक्शन्स पर नजर रखने के भी निर्देश दे दिए गए हैं। (Indian Health Ministry On China Pneumonia Outbreak)

सांस से जुड़े संक्रमण वाले मरीजों पर नजर रखने के निर्देश

मंत्रालय की तरफ से एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (Integrated Disease Surveillance Programme) के तहत बच्चों और टीनएजर्स पर नजर रखने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य इकाइयों को कहा गया है कि वे बच्चों के साथ-साथ बड़ों में भी सांस से जुड़ी हुई गम्भीर बीमारियों और संक्रमण के मामलों पर नजर रखे और इन मामलों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराए।

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स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अस्पतालों को अपने ऑक्सीजन प्‍लांट्स और वेंटिलेटर्स की कार्यक्षमता चेक करनी चाहिए। साथ ही इंफेक्शन के प्रसार को रोकने के लिए इससे जुड़े सभी प्रोटोकॉल की समीक्षा करनी चाहिए।

बता दें कि, चीन में अक्टूबर 2023 में एक रहस्यमयी बीमारी फैलने की खबरें आयीं। यह बीमारी बच्चों में तेजी से फैलती हुई दिखायी दी जिसमें तेज बुखार के साथ-साथ फेफड़ों में सूजन जैसे लक्षण देखने को मिले। आंकड़ों के अनुसार रोजोना अस्पताल में 7 हजार से अधिक बच्चे इलाज के लिए आए।