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अभी दुनिया कोरोना के प्रकोप से उबर भी नहीं पाई है इसके बाद हाल ही के कुछ दिनों में चीन में एक नए वायरस का प्रकोप देखने को मिल रहा है। जिसे H9N2 नाम दिया गया है। इस वायरस के लक्षण निमोनिया से काफी हद तक मिलते जुलते लगते हैं। चीन के इस नए और रहस्यमयी वायरस के खतरे को देखते हुए भारत सरकार और कई राज्य सरकारों ने भी अपने यहां अलर्ट जारी कर दिया है। इस वायरस के कारण चीन में बच्चों में सांस की समस्या देखने को मिल रही है, जिसके चलते सरकार को स्कूल बंद करने का आदेश जारी करना पड़ा है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताने जा रहे हैं कि इस वायरस से बचाव के लिए भारत में
1. इस चीनी वायरस के खतरे को भांपते हुए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि हम किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के दौरान की गई स्वास्थ्य तैयारियों की फिर से समीक्षा की जा रही है। हालांकि अभी इस वायरस का कोई मामला देश में देखने को नहीं मिला है लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर सरकार अपनी तैयारी कर रही हैं।
2. इस नई बीमारी के खतरे को भांपते हुए कर्नाटक राज्य ने भी अपनी तैयारी को बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश राव गुंडू ने कहा है कि नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन सभी को वायरस के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। हमने अस्पतालों को मॉक ड्रिल के लिए कहा है, ऑक्सीजन और पीपीई किट की उपलब्धता को भी बरकरार रखने को कहा गया है।
3. राजस्थान के मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस करते हुए मीडिया को बताया कि अभी तक राज्य में चिंता की कोई स्थिति नहीं है। हालांकि उन्होंने चिकित्सा कर्मियों को आगाह किया है कि वह किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहें। उन्होंने मेडिकल कॉलेज और जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है। जिससे किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
4. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड राज्य ने भी इस वायरस को लेकर राज्य में अलर्ट जारी कर दिया है। क्योंकि उत्तराखंड के तीन जिले उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ की सीमा चीन के साथ साझा होती है। जिसके चलते राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा विभाग को आइसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन वार्ड और आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाने को कहा गया है। इसके अलावा निमोनिया और इन्फ्लूएंजा के मरीजों पर नजर रखने को कहा गया है।