ऊंची आवाज में पढ़ेंगे बच्चे, तो बढ़ेगी मेमोरी पावर

एक अध्ययन के अनुसार, जोर से बोलकर जो बच्चे पढ़ते हैं, उनमें लंबी अवधि की याददश्त बढ़ती है।

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Written By: Editorial Team | Published : August 17, 2018 8:08 PM IST

यदि आपके बच्चे को आसानी से कुछ भी याद नहीं हो पाता, तो उसे तेज आवाज यानी ऊंचे स्वर में पढ़ने को बोलें। ऐसा करने से उसकी याद करने की क्षमता में सुधार आएगा। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।

कनाडा के वाटरलू यूनिवर्सिटी में हुए इस अध्ययन के अनुसार, जोर से जो बच्चे पढ़ते हैं, उनमें लंबी अवधि की याददश्त बढ़ती है। अध्ययन के नतीजों में सामने आया है कि बोलने और सुनने की दोहरी कार्यविधि 'उत्पादन प्रभाव' का याददाश्त पर लाभकारी असर होता है। बोलने और सुनने से शब्द जाना-पहचाना बन जाता है और इस प्रकार उसके मस्तिष्क में प्रतिधारण यानी स्मृति में बने रहने की संभावना बढ़ जाती है। यह अध्ययन मेमोरी नामक पत्रिका में प्रकाशित हो चुका है।

वाटरलू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कॉलिन एम. मैकलियोड का कहना है कि अध्ययन में सक्रिय सहभागिता से सीखने और स्मृति के फायदे की पुष्टि होती है। उन्होंने आगे बताया जब हम सक्रिय उपाय या उत्पादन तत्व किसी शब्द के साथ जोड़ते हैं, तो वह शब्द ज्यादा विशिष्ट बनकर हमारी लंबी अवधि की स्मृति में रहता और वह स्मरणीय बन जाता है। इस अध्ययन में शामिल दल ने लिखित सूचनाओं को सीखने की चार विधियों का परीक्षण किया, जिनमें शांत होकर पढ़ना, किसी को पढ़कर सुनाना, अपने पढ़े हुए को रिकॉर्ड करके सुनना और जोर से पढ़ना शामिल था।

अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि जोर से पढ़ने का जो उत्पादन प्रभाव है, वह याददाश्त के लिए सबसे अच्छा है। मैकलियोड ने बताया अध्ययन बताता है कि कार्य करने के विचार या क्रियाशीलता भी स्मरण शक्ति बढ़ती है। यह अनुसंधान पूर्व के अध्ययनों पर आधारित है, जिसमें यह बताया गया है कि गतिविधियों का उत्पादन प्रभाव जैसे- शब्द लिखना और टाइप करना, से आखिरकार स्मृति बढ़ती है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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