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HMPV Virus Risk In India: देश में एचएमपीवी वायरस (HMPV Virus) के केसेस एक के एक बाद सामने आ रहे हैं। चीन में लोगों को अपनी चपेट में लेने वाले इस वायरस ने भारत में भी दस्तक दे दी है। सोमवार 6 जनवरी को देश में कुछ 5 नये मामले सामने आए। 2 केसेस बेंगलुरु और 1 केस गुजरात में पाया गया। वहीं, सोमवार दोपहर को एचएमपीवी के 2 नये केसेस चेन्नई में मिलने की भी खबरें आयीं। मिली जानकारी के अनुसार, चेन्नई में 2 बच्चों में एचएमपीवी वायरस (Chennai kids infected with the HMPV virus) के लक्षण देखे गए हैं। इन दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
बताया जा रहा है कि इन बच्चों में सर्दी और खांसी जैसे लक्षण दिखायी दिए थे। वहीं, गुजरात में एक 3 महीने के बच्चे में एचएमपीवी वायरस के लक्षण देखे गए। जबकि एक 8 महीने के बच्चे में भी वायरस के लक्षणों की पुष्टि की गयी। जबकि, चेन्नई में अस्पताल में भर्ती दोनों बच्चों में बुखार के अलावा सर्दी और खांसी जैसी परेशानियां देखने को मिलीं। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में वायरस इंफेक्शन निमोनिया का भी खतरा बढ़ा रहा है। डॉक्टरों की मानें तो बड़ों के साथ-साथ बच्चों के भी वायरस तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है।
डॉ. राजा धर (Dr. Raja Dhar, Head of Department, Pulmonology at CMRI Hospital) कहते हैं कि, "चीन में पाए गए एचएमपीवी (The Human Metapneumovirus) के मामले और उनसे जुड़ी रिपोर्ट्स ने दुनियाभर में चिंता बढा दी है। रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी समस्याओंको बढ़ाने वाले इस वायरस के आने के साथ ही अब ये अटकलें शुरू हो गयी हैं कि क्या ये भी कोविड-19 वायरस (COVID-19 pandemic-like situation) की तरह गम्भीर होगा और क्या इसकी वजह से महामारी जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में हमें तैयार रहना होगा और इस वायरस को उस स्तर तक फैलने से रोकने के लिए पूरे प्रयास करने होंगे।
सीएमआरआई कोलकाता के रेस्परेटरी यूनिट में आने वाले मरीजों में से जिन मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया जा रहा है उनमें से तकरीबन 10-15% केसेस एमएमपीवी इंफेक्शन (metapneumovirus infection) के ही हैं।
डॉ. राजा धर के अनुसार, एचएमपीवी वायरस 14 साल से छोटे बच्चों को अपनी चपेट में तेजी से ले रहा है। यह नवजात शिशुओं (4 सप्ताह से कम उम्र के शिशुओं) और एक साल से छोटे बच्चों को बहुत अधिक प्रभावित कर रहा है। वहीं, इस इंफेक्शन के कई मामले बुजुर्गों में भी पाए गए हैं। हालांकि, इन इंफेक्शन के ज्यादातर मामलों में माइल्ड लक्षण ही देखे गए हैं और उनकी संख्या भी बहुत कम है। जबकि, 10 में से केवल 2 लोगों में ही एचएमपीवी वायरस का रिस्क देखा जा रहा है। पर लापरवाही बरतना ठीक नहीं। क्योंकि, एचएमपीवी वायरस के साथ होने वाला बैक्टेरियल इंफेक्शन श्वसन मार्ग से जुड़ी गम्भीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।