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एनसीईआरटी की किताबों में बाल सुरक्षा योजनाओं की जानकारी होगी

यह कदम उठाए जाने के बाद मेनका ने अपने सुझावों को लागू करने के लिए जावड़ेकर और एनसीईआरटी का आभार जताया।

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Written By: Editorial Team | Updated : April 13, 2018 5:49 PM IST

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) ने बताया कि कक्षा छह से लेकर 12 तक के पाठ्यक्रम की सभी किताबों के मुख पृष्ठ के अंदर के पन्नों पर पोस्को अधिनियम और सातों दिन/  24 घंटे बच्चों की मदद के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन के नंबर प्रकाशित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा किताबों में इसे प्रकाशित किया जा रहा है। यह कदम बच्चों को सुरक्षा और शिकायतों के संदर्भ में जानकारी प्रदान करने के मकसद से उठाया गया है।

साल 2017 में महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने एनसीईआरटी और मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से एनसीईआरटी के प्रकाशनों के माध्यम से पोस्को-ई बॉक्स और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर-1098 का प्रचार करने, बच्चों के यौन उत्पीड़न पर बनी शैक्षणिक फिल्मों की स्कूलों में स्क्रीनिंग करने और सहायक स्टाफ की नियुक्ति को लेकर सख्त मानदंड निर्धारित करने का अनुरोध किया था।

यह कदम उठाए जाने के बाद मेनका ने अपने सुझावों को लागू करने के लिए जावड़ेकर और एनसीईआरटी का आभार जताया।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मुताबिक, पाठ्यक्रमों की किताबों के जरिए यह जानकारी करीब 15 लाख स्कूलों के 26 करोड़ स्कूली छात्रों और 10 लाख शिक्षकों-शिक्षिकाओं तक पहुंचने की उम्मीद है।

स्रोत:IANS Hindi.

चित्रस्रोत:Shutterstock.