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भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से राज्यों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। केंद्र ने मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सामूहिक समारोहों और तीर्थयात्राओं में भाग लेने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण ना हों और उन्होंने एंटी- कोविड-19 वैक्सीन की दोनों खुराकें ले ली हों।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, "सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जहां इस तरह के सामूहिक सभाएं या किसी प्रकार की यात्रा के आयोजन हो रहे हैं वहां, राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह की सभाओं या कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे लोगों में कोविड-19 संक्रमण के लक्षण ना हों। बिना लक्षण वाले लोग जिन्होंने कोरोना का पूर्ण टीकाकरण कराया हो ऐसे लोगों को ही हिस्सा लेने की अनुमति मिलनी चाहिए।
मंत्रालय की तरफ निर्देशों के बारे में बोलते हुए राजेश भूषण ने कहा कि प्रशासन स्थिति और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अपने क्षेत्र में टीकाकरण के सभी पात्र लोगों के लिए प्राथमिक टीकाकरण और बूस्टर डोज दिलाने के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार कर सकता है। इसके लिए एक विशेष अभियान प्रशासन द्वारा शामिल होने की योजना बनाने वालों के लिए कम से कम दो सप्ताह पहले चलाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आगे कई स्थानों पर पर्याप्त प्रचार और आरटीपीसीआर और आरएटी टेस्टिंग की व्यवस्था की जाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र लिखकर कहा, अगर देखा जाए तो साल 2022 के पहले भाग में देखा गया कि कोविड -19 मामलों में काफी गिरावट आयी है, वहीं, देश के कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड केसेस में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।केंद्र ने कोविड मामलों को बढ़ने से रोकने के लिए एक 5 स्तर की रणनीति अपनाने की सलाह दी जिसके तहत इन गतिविधियों पर ध्यान देने की सलाह दी गयी-
वहीं, कर्नाटक राज्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य में बढ़ते कोविड केसेस को ध्यान में रखते हुए कोविड गाइडलाइंस में बदलाव किए गए हैं। इन नये निर्देशों के अनुसार, अब शहरी क्षेत्रों में अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों, स्कूल और शिक्षण संस्थानों के अलावा निजी और सरकारी दफ्तरों पर कुछ नये नियम लागू होगें। इन नियमों के अनुसार,
(आईएएनएस)