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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भोपाल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (एनआईएमएचआर) खोले जाने को मंजूरी दे दी गई। यह संस्था निशक्त जन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत एक सोसाइटी के रूप में सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत स्थापित की जाएगी। पहले तीन वर्षो में इस परियोजना पर 179.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 128.54 करोड़ रुपये का गैर आवर्ती व्यय और 51 करोड़ रुपये का आवर्ती व्यय शामिल है।
बैठक के बाद इस निर्णय की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस संस्थान के लिए संयुक्त सचिव स्तर के तीन पदों जिनमें निदेशक का एक पद भी शामिल है, के अलावा प्रोफेसरों के दो पदों को भी मंजूरी दी है। प्रसाद ने कहा कि एनआईएमएचआर का मुख्य उद्देश्य मानसिक रूप से बीमार लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करना, मानसिक स्वास्थ पुनर्वास के क्षेत्र में क्षमता विकास तथा मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के लिए नीति बनाना और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
The proposed National Institute of Mental Health Rehabilitation in Bhopal will be extremely advantageous in our efforts to help those with mental illnesses.
via NMApp — Narendra Modi (@narendramodi) May 16, 2018
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, संस्थान में नौ विभाग और केंद्र होंगे। इसमें मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में 12 विषयों में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, स्नातक, स्नातकोत्तर और एम.फिल डिग्री सहित 12 तरह के पाठ्यक्रम होंगे। पांच वर्षो के भीतर इस संस्था में विभिन्न विषयों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या 400 से ज्यादा हो जाने की संभावना है।
मध्यप्रदेश सरकार ने संस्थान के लिए भोपाल में पांच एकड़ जमीन दी है। यह संस्था दो चरणों में तीन वर्ष के भीतर बनकर तैयार हो जाएगी। पहले दो साल के भीतर संस्थान में निर्माण कार्य और बिजली का काम पूरा कर लिया जाएगा। जब तक भवन निर्माण का काम चलेगा तब तक संस्थान सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठयक्रम चलाने और ओपीडी सेवाएं देने के लिए भोपाल में एक भवन किराये पर लेगा।
बयान के अनुसार, एनआईएमएचआर देश में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने किस्म का पहला संस्थान होगा। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्षमता विकास और पुर्नवास के मामले में यह एक अत्याधिक दक्ष संस्थान के रूप में काम करेगा और केंद्र सरकार को मानसिक रोगियों के पुर्नवास की प्रभावी व्यवस्था का मॉडल विकसित करने में मदद करेगा।
स्रोत:IANS Hindi.
चित्रस्रोत- Shutterstock Images.