
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 23, 2021 7:46 PM IST
5 point strategy to control Omicron: भारत में कोरोना वायरस के नये वेरिएंट ओमिक्रोन से संक्रमित होने वालों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 300 के पार पहुंच गयी। नये वेरिएंट के संकट के बीच केंद्र ने गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वायरस से बचाव के लिए अपने प्रयासों में तेजी लाने और उन्हें जारी रखने की सलाह दी। केंद्र की तरफ से राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच खुद को तैयार रखें और ओमिक्रोन वेरिएंट से निपटने के लिए 5-सूत्रीय रणनीति का पालन करें। (5 point strategy to control Omicron In Hindi.)
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों को कहा गया है कि वे जिला स्तर पर या प्रशासनिक क्षेत्रों के आधार पर स्थानीय इकाइयों द्वारा संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। केंद्र ने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से अधिक बढ़ जाए या अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले बेड्स पर 40 फीसदी से अधिक मरीज आ जाएं तो स्थानीय प्रशासन कंटेंनमेंट ज़ोन बनाने जैसे कदम उठा सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कहा गया कि, " राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी सीमा में रहने वाले लोगों और स्थानीय स्थिति के आधार पर तेजी से फैल रहे ओमिक्रोन वेरिएंट के प्रसारको रोकने के लिए प्रयास कर सकते हैं या आवश्यक प्रतिबंध लगा सकते हैं।" इसके साथ ही ये निर्देश भी दिए गए-
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कोविड-19 से लड़ने के लिए राज्यों की सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि किसी भी प्रतिबंध को न्यूनतम 14 दिनों के लिए लागू किया जाना चाहिए। भूषण ने कहा कि ओमिक्रोन वेरिएंट के सिंड्रोम कॉमन कोल्ड (common cold) की तरह पेश आते हैं, जिसमें ट्रांसमिसिबिलिटी (संक्रमण का फैलाव) और दोहरीकरण समय की उच्च दर होती है, इसलिए कोविड की रोकथाम के लिए सिंड्रोमिक दृष्टिकोण को नियोजित किया जा सकता है।
राज्यों को यह भी सूचित किया गया है कि मौजूदा राष्ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल ओमिक्रोन के लिए अपरिवर्तित है। राज्यों को बिस्तर की क्षमता बढ़ाने, एम्बुलेंस जैसी रसद सुनिश्चित करने और रोगियों के निर्बाध स्थानांतरण के लिए तंत्र लागू करने की सलाह दी गई।
मंत्रालय ने राज्यों को सलाह देते हुए कहा, "आपातकालीन कोविड प्रतिक्रिया पैकेज (ईसीआरपी-2) के तहत स्वीकृत धन का उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए करें कि स्वास्थ्य प्रणालियों की अपेक्षित क्षमता किसी भी आपात स्थिति का जवाब देने के लिए हॉटस्पॉट पर/उसके पास विकसित की गई हो।"
कोविड सेफ बिहेवियर के मोर्चे पर, राज्यों से कहा गया है कि वे यह भी सुनिश्चित करें कि नागरिकों के बीच कोई गलत सूचना का प्रसार न हो, जिससे घबराहट पैदा हो सके। राज्यों से कहा गया है कि वे छूटे हुए पहली और दूसरी खुराक के पात्र लाभार्थियों का 100 प्रतिशत कवरेज त्वरित तरीके से सुनिश्चित करें और उन जिलों पर विशेष ध्यान दें, जहां पहली और दूसरी खुराक कवरेज राष्ट्रीय औसत से कम है।
इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि टीकाकरण अभियान की रफ्तार को अधिक से अधिक टीके की उपलब्धता के जरिए बढ़ाया गया है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की जाती है, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।
(आईएएनएस)