Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
केन्द्र सरकार ने देश में कोरोना के मामलों में कमी को देखते हुए स्कूलों को फिर से खोले जाने अपने संशोधित दिशानिर्देशों को गुरूवार को जारी किया। ये दिशानिर्देश सलाह के तौर हैं और स्कूलों को शारीरिक कक्षाओं के लिए बच्चों के माता माता-पिता से सहमति मांगना राज्य सरकारों पर निर्भर करता है। इन दिशानिर्देशों में एहतियात, समय सारिणी, मूल्यांकन, भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री की संयुक्त सचिव स्वीटी चांगसन ने कहा, हम इन दिशानिर्देशों को साझा करते हैं, जो सलाह के तौर पर हैं। राज्य सरकार अपने स्वयं के दिशानिर्देश बनाने के लिए स्वतंत्र हैं। इनमें कक्षाओं में भाग लेने के लिए सभी मानक संचालन प्रक्रिया ,एसओपी शामिल हैं। छात्र ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प चुन सकते हैं। (New guidelines for school reopening in Hindi.)
केंद्र द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक, ये दिशानिर्देश दो भागों में तैयार किए गए हैं। पहला भाग स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा पहलुओं पर चिंताओं को साझा करता है जबकि दूसरा भाग सामाजिक दूरी के साथ सीखने से संबंधित है। चांगसन ने कहा, ये दिशानिर्देश सलाह के तौर हैं और हमने सभी हितधारकों के साथ साझा किया है और उन्हें जरूरत के अनुसार इसे अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि 11 राज्यों में स्कूल पूरी तरह से खुले हैं और नौ में बंद हैं। इन दिशानिर्देशों के अनुसार,
वहीं, डॉ. वी. के पॉल, नीति आयोग (स्वास्थ्य सदस्य) ने कहा कि, स्कूलों को फिर से खोलनाचिंता का विषय रहा है और समय-समय पर व्यापक सलाह जारी की गई है। स्कूलों को फिर से खोलने का अंतिम निर्णय राज्यों पर है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि स्कूल एसओपी के अनुसार खुलें क्योंकि हम अभी भी एक महामारी के दौर में हैं और एसओपी लागू करके हम सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, देश में सभी को इस बात की चिंता है कि लगातार स्कूलों को बंद रखने से बच्चों में सीखने की प्रक्रिया में हानि हो रही है और स्कूलों को जल्द से जल्द उपयुक्त समय पर फिर से खोलना चाहिए। हमने महामारी पर नियंत्रण की दिशा में अब एक लंबा सफर तय किया है और शिक्षकों को टीका लगाया गया है। लेकिन हमें अभी भी एसओपी का पालन करना है।
(आईएएनएस)