Covid Treatment Guidelines for Kids: क्या है ‘वॉक टेस्ट’ इससे कैसे चलता है बच्चों में संक्रमण का पता, यहां पढ़ें बच्चों के कोरोना ट्रीटमेंट से जुड़ी नयी सरकारी गाइडलाइंस

भारत में जुलाई-अगस्त महीने में कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका व्यक्त की गयी है। इसी तरह यह लहर बच्चों के लिए अधिक खतरनाक होने का भी अनुमान लगाया गया है। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बच्चों के इलाज से जुड़े निर्देश जारी किए हैं। (Covid Treatment Guidelines for Kids in Hindi)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 10, 2021 11:00 AM IST

Covid Treatment Guidelines for Kids: देश में कोरोना वायरस की थर्ड वेव से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र  सरकार ने नयी गाइडलाइंस जारी की हैं।  केंद्र सरकार की तरफ से बुधवार को इन निर्देशों की घोषणा की गयी। बता दें कि जुलाई-अगस्त महीने में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका व्यक्त की गयी है। इसी तरह यह लहर बच्चों के लिए अधिक खतरनाक होने का भी अनुमान लगाया गया है। सरकार की तरफ से यह कहा गया गया कि उनके पास ऐसा कोई डेटा नहीं है जो बच्चों पर तीसरी लहर के बुरे असर की पुष्टि करे लेकिन, एहतियातन  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने बच्चों के इलाज से जुड़े निर्देश जारी किए हैं। (Covid Treatment Guidelines for Kids in Hindi)

कोरोना पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए नयी गाइडलाइंस

 ‘वॉक टेस्ट’ की मदद से जांचे ऑक्सीजन लेवल

इन निर्देशों में बच्चों के लिए 6 मिनट के वॉक टेस्ट की सलाह दी गयी है। यह वॉक टेस्ट 12 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बच्चों को करानी चाहिए। इसके लिए बच्चे को उनके पेरेंट्स के सामने 6 मिनट तक चलना होगा। इस दौरान बच्चे की उंगली में पल्स ऑक्सिमीटर लगाया जाएगा और चलने-फिरने के दौरान बच्चे के शरीर में होने वाले बदलावों जैसे ऑक्सिजन सैचुरेशन लेवल और पल्स रेट को चेक किया जाएगा।

रेमेडेसिविर का इस्तेमाल नहीं करें

इन गाइडलाइंस में बच्चों के इलाज के लिए  रेमेडेसिविर (Remdesivir) के इस्तेमाल को सीधे तौर पर मना कर दिया गया है।  सीटी स्कैन के इस्तेमाल को भी सोच-समझकर करने के निर्देश दिए गए हैं। अपनी गाइडलाइंस में DGHS ने यह भी कहा गया है कि  इंफेक्शन के ऐसे मामले जिसमें लक्षण नहीं दिखायी दे रहे या हल्के लक्षण वाले मरीजों को स्टेरॉइड वाली दवाइओं का इस्तेमाल नुकसानदायक होगा इसीलिए उनका इस्तेमाल ना करें।

स्टेरॉइड का इस्तेमाल करें सावधानी से

कोरोना संक्रमित के इलाज के लिए इस्तेमाल होनेवाले स्टेरॉइड (Steroids) की खुराक बच्चों को देते हुए सावधान रहने की सलाह दी गयी है। डीजीएचएस ने कहा है कि, बहुत गंभीर मामलों जैसे अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को ही स्टेरॉइड देना चाहिए। खासकर, बच्चे को स्टेरॉइड देते समय उसके डोज़ और दो खुराकों के बीच के अंतर का विषय ध्यान रखना चाहिए।  ( New Covid Treatment Guidelines for Kids)

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