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Written By: Pallavi | Published : August 25, 2022 9:44 AM IST
मंकीपॉक्स वायरस दुनियाभर के कुछ देशों में बड़ी तेजी से फैल रहा है। अब तक ये 92 देशों में फैल चुका है और पिछले 1 हफ्ते में लगभग 40 हजार मामले सामने आए हैं। स्थिति को देखते हुए सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (Centers for Disease Control and Prevention) हर छोटे-बड़े अपडेट्स को लेकर सतर्क है। हाल ही में सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने मंकीपॉक्स को लेकर एक नई बात का खुलासा किया है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल का कहना है कि मंकीपॉक्स वायरस सिर्फ सेक्सुअल नेटवर्क में ही नहीं बल्कि, घर की या फिर आम इस्तेमाल की चीजों से भी फैल सकता है।
मंकीपॉक्स वायरस को लेकर सीडीसी का कहना है कि ये वायरस काउच या बैड से, कंबल या ब्लैंकेट से और कंप्यूटर माउस जैसी चीजों के जरिए भी फैल सकता है। इसके अलावा जिन चीजों को लोग बार-बार इस्तेमाल (monkey pox can spread through household items) करते हैं जैसे कि घर के स्विच और अप्लाइंसेस उससे भी ये फैल सकता है। सीडीसी का कहना है कि यहां 70 प्रतिशत तक इंफेक्शन फैलने का खतरा हो सकता है।
इस अध्ययन के लिए, दो मंकीपॉक्स रोगियों द्वारा साझा किए गए घर को नमूने के रूप में लिया गया था। ये दोनों रोगियों में मंकीपॉक्स के मामले मई में सामने आए थे। इसमें से एक व्यक्ति के गुप्तांग, हाथ, छाती, होंठ और सिर पर घाव थे, जबकि दूसरे के पैर, पैर और उंगली पर घाव थे। रिपोर्ट के मुताबिक वे दोनों करीब एक महीने से बीमार थे। हालांकि, शोध के दौरान इन्होंने बताया कि सतहों को डिसइंफेक्टेंट से साफ किया है, दिन में कई बार हाथ धोए और नियमित रूप से स्नान किया। पर शोधर्ताओं ने बीमारी के 20 दिन बाद भी इन लोगों द्वारा इस्तेमाल की गई चीजों पर मंकीपॉक्स वायरस को पाया।
हालांकि, किसी भी वस्तु या सतह पर कोई जीवित वायरस नहीं पाया गया। इसका मतलब ये है कि संक्रमण फैलने का जोखिम कम है। पर सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए सीडीसी ने कहा कि सफाई और डिसइंफेक्टेंट की मदद से घर को साफ रखना जरूरी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी इस पर और शोध करना बाकी है, तब तक के लिए मंकीपॉक्स वायरस से रोकने के लिए आपको सतहों के इस्तेमाल और साफ-सफाई पर भी खास ध्यान देना चाहिए।