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Carbon monoxide : जहरीली गैस के रिसाव से कनाडा में 46 लोग गंभीर

कनाडा के एक होटल में संदिग्ध कार्बन मोनोऑक्साइड के रिसाव के बाद 46 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें 15 की हालत गंभीर है। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विनिपेग शहर के प्रशासन ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि विनिपेग फायर पैरामेडिक सर्विस के कर्मचारियों ने करीब सुबह 10 बजे (स्थानीय समय) अलार्म पर प्रतिक्रिया दी और पूरे इमारत में कई स्तरों पर कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon monoxide) होने का पता लगाया, जो 385 पार्ट्स प्रति मिलियन तक था। अधिकारियों के बयान का हवाला देते हुए सीबीसी न्यूज ने सूचना दी कि करीब 46 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 15 की हालत गंभीर है। वहीं 5 लोगों की हालत अस्थिर है, जबकि 26 की हालत स्थिर है।

क्‍या है कार्बनमोनोऑक्‍साइड

यह (Carbon monoxide) एक रंगहीन व गंधहीन गैस है, जो कि कार्बन डाई ऑक्साइड से भी ज्या दा खतरनाक है। हवा के साथ शरीर के अंदर पहुंचने से यह गैस जहरीली साबित हो सकती है। जो व्यक्ति को गंभीर रूप से बीमार कर सकती है। इतना ही नहीं, देर तक इसके संपर्क में रहने से दम भी घुट सकता है और व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।

मोनोऑक्सासइड के स्रोत

आमतौर पर यह गैस   (Carbon monoxide) ऑटोमैटिक एग्जास्ट फ्यूम, सही ढंग से नहीं जल रहे स्टोव, हीटिंग सिस्टम और सिगरेट के धुएं में पाई जाती है। मगर यह लकड़ी को जलाने वाले स्टोव, केरोसिन से चलने वाले हीटर, वॉटर हीटर, गैस स्टोव और सही ढंग से काम नहीं करने वाली चिमनी से भी निकलती है।

क्यों है सेेेेहत के लिए हानिकारक

कार्बन मोनोक्साइड  (Carbon monoxide) शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने वाले रेड ब्लड सेल्स को प्रभावित करती है, जिसकी वजह से सारी समस्याएं होती हैं। सामान्य तौर पर जब एक व्यक्ति सांस के जरिए फेफड़ों में स्वच्छ हवा ले जाता है, तो हवा में स्थित ऑक्सीजन हीमोग्लोबिन के साथ मिलता है। हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है और यही वह तत्व है जिसकी सहायता से ऑक्सीजन फेफड़ों से होकर शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचती है। ऐसे में कार्बन मोनोक्साइड इनहेल होने से हीमोग्लोबिन मॉलिक्यूल ब्लॉक हो जाते हैं और शरीर का पूरा ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट सिस्टम प्रभावित हो जाता है।

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कार्बन मोनोऑक्साइड पॉइजनिंग के लक्षण

कार्बन मोनोऑक्साइड  (Carbon monoxide) इनहेल करने पर सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत, घबराहट, मितली आना, कंफ्यूजन अथवा सोच पाने में दिक्कत, हाथों और आंखों का कोऑर्डिनेशन गड़बड़ होना, पेट में तकलीफ, हार्ट रेट बढ़ना, तापमान कम होना, लो ब्लड प्रेशर, कार्डियक एवं रेस्पिरेटरी फेलियर आदि। ऐसे में बहुत जल्‍दी अलर्ट होने की जरूरत होती है।

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कार्बन मोनोऑक्साइड पॉइजनिंग से बचाव

कार्बन मोनोऑक्साइड पॉइजनिंग होने पर मरीज को तुरंत साफ हवा में ले जाएं। यदि मरीज की सांस और पल्स नहीं चल रही हो तो तुरंत ऑक्सीजन मुहैया कराएं। ऐसे किसी भी जोखिम से बचने के लिए जरूरी है कि स्मोकिंग न करें। बंद कमरे में रूम हीटर आदि का इस्तेमाल न करें। रसोईघर में सही वेंटिलेशन का इंतजाम करें। कमरे को गर्म करने के लिए स्टोव या गैस अवन का इस्तेमाल न करें। घर के अंदर तारकोल आदि न जलाएं। केरोसिन हीटर जलाते वक्त वेंटिलेशन का ध्यान रखें। गैरिज के अंदर गाड़ी का इंजन चलाकर न छोड़ें। ज्यादा ट्रैफिक होने या सुरंग आदि से गुजरते वक्त कार की खिड़की खोलकर रखें।

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