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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : April 9, 2019 9:02 PM IST
रिपोर्ट के अनुसार इस फंगस का पहला मामला पिछले साल मई के महीने में ब्रुकलिन में सामने आया था। उस समय माउंट सिनाई हॉस्पिटल फॉर ऐब्डॉमिनल सर्जरी में एक इंसान को भर्ती कराया गया था, जिसकी जांच में पता चला था कि वह किसी खतरनाक फंगस की चपेट में है। ©Shutterstock.
बीमारियों के हमले आये दिन नये नये रूप में सामने आ रहे हैं। इन दिनों जिस बीमारी का खतरा पूरे विश्व में मंडरा रहा है वह बेहद खतरनाक है। ऐसी बीमारी जो इंसान को 90 दिन के अंदर मौत के पास ले जाती है। वैसे यह बीमारी अभी किसी विशेष नाम से नहीं जानी जाती है। यह बीमारी एक फंगस का हमला है जो इंसान को 90 दिन के अंदर ही मार देती है। अभी तक इस फंगस के इलाज के बारे में कोई विशेष खोज भी नहीं हो पायी है। यह फंगस इंसान में एक दूसरे से बहुत जल्दी फैलता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने इस फंगस को कैंडिडा ऑरिस नाम दिया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस फंगस की चपेट में आने की वजह से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। यह फंगस उनके लिए ज्यादा खतरनाक है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
रिपोर्ट के अनुसार इस फंगस का पहला मामला पिछले साल मई के महीने में ब्रुकलिन में सामने आया था। उस समय माउंट सिनाई हॉस्पिटल फॉर ऐब्डॉमिनल सर्जरी में एक इंसान को भर्ती कराया गया था, जिसकी जांच में पता चला था कि वह किसी खतरनाक फंगस की चपेट में है। लेकिन उस समय यह पता नहीं लगाया जा सका था कि उसे कौन से फंगस से संक्रमण हुआ है।
उस समय उस इंसान को बचाया नहीं जा सका था। उस मौत के बाद कई इंसान में उस फंगस के लक्षण पाये गये। वेनेजुएला और स्पेन में भी इस फंगस से पीड़ित लोग सामने आ चुके हैं। यह फंगस इतना खतरनाक है कि ब्रिटिश मेडिकल सेंटर को अपने एक आईसीयू को बंद करना पड़ा था।
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कैंडिडा ऑरिस फंगस पहले यूरोप और अमेरिका के शहरों में खतरा बनकर आया था लेकिन अब यह एशियाई देशों में भी पाया जाने लगा है। रिपोर्ट ने दावा किया है कि इस फंगस के मामले भारत, दक्षिण अफ्रिका और पाकिस्तान में भी मिले हैं।
माउंट सिनाई अस्पताल में मरने वाले इंसान की मौत के बाद जब ब्लड टेस्ट किया गया था तो उसमें भी इस फंगस का संक्रमण पाया गया था। अस्पताल के अनुसार इंसान की मौत के बाद अस्पताल के दरवाजे, पर्दे, फोन, चादर जैसी चीजों में भी इस फंगस के लक्षण मिले थे।
डॉक्टर और एक्सपर्ट्स के अनुसार यह फंगस इसलिए खतरनाक है क्योंकि इसपर एंटीफंगल दवाओं का असर ही नहीं होता है। दवाओं का असर न होना और आस-पास के वातावरण में भी संक्रमण की वजह से यह फंगस बहुत ही खतरनाक है। इस फंगस की चपेट में आने के बाद इंसान 90 दिन के अंदर मर जाता है।
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