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क्या कैंसर ट्रीटमेंट के बाद मां-बाप बन पाना है असंभव? जानें सभी जरूरी फैक्ट्स

एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि, कैंसर का इलाज कराने के बाद लोगों की प्रजनन क्षमता कम हो सकती है या उनमें इंफर्टिलिटी की समस्या बढ़ सकती हैं।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 1, 2022 8:40 PM IST

Cancer Treatment And Fertility: कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी का इलाज अगर समय से शुरू किया जाए तो कैंसर को गम्भीर होने से रोका जा सकता है और कैंसर के मरीजों को उनकी बीमारी की वजह से होनेवाली कई कॉम्प्लिकेशन्स से बचाया जा सकता है। लेकिन, कैंसर के ट्रीटमेंट (treatments of cancer) के लिए प्रयोग की जानेवाली टेक्निक्स और दवाइयों के कई साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जो मरीजों को कभी जल्दी दिखायी दे सकते हैं या कभी लम्बे समय तक इनका असर उनमें देखा जा सकता है। बालों का झड़ना (hair fall post cancer treatment) या मरीज का पूरी तरह गंजा हो जाना, वजन में बदलाव, मेमरी से जुड़ी समस्याएं और भूख-प्यास से जुड़े बदलावों आदि कैंसर के मरीजों में अक्सर देखने को मिलते (post cancer treatment problems) हैं। वहीं, एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि, कैंसर का इलाज कराने के बाद लोगों की प्रजनन क्षमता कम हो सकती है या उनमें इंफर्टिलिटी की समस्या बढ़ सकती हैं। (Cancer Treatment And Fertility In Hindi)

क्या कैंसर का इलाज बढ़ा सकता है इंफर्टिलिटी की समस्या? (Can Cancer Treatment Cause Infertility In Men And Women)

इस नयी स्टडी के अनुसार, कैंसर ट्रीटमेंट के कारण लोगों की फर्टिलिटी पर प्रभाव पड़ता है और यह स्थिति महिला और पुरुषों, दोनों में हो सकती है। स्टडी के निष्कर्षों के आधार पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि, कैंसर के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडिएशन जैसी तकनीकों के कारण पुरुषों और महिलाओं को प्रजनन से जुड़ी हुई परेशानियां हो सकती हैं। इससे शरीर में एग्स और स्पर्म सेल्स के निर्माण और उनकी क्वालिटी पर असर पड़ सकता है जिससे आगे चलकर कंसीव करने या गर्भधारण में दिक्कतें आ सकती हैं।

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कीमोथेरेपी से हो सकता है फर्टिलिटी पर बुरा असर

जैसा कि कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी (chemotherapy) का इस्तेमाल अधिकांश मामलों में किया जाता है। इस तकनीक में महिलाओं के प्रजनन एग और पुरुषों की शुक्राणु कोशिकाओं पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। जिससे फर्टिलिटी कम (causes of low fertility rate) हो सकती है। इससे पुरुषों में लो स्पर्म काउंट (Low Sperm Count) और लो स्पर्म क्वालिटी (Low Sperm Quantity) जैसी परेशानियां हो सकती है। वहीं महिलाओं में कीमोथेरेपी के दौरान रेडिएशन शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक फैल सकता है जिससे महिलाओं के अंडाशय या ओवरी (Ovaries) को भी नुकसान हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार रेडियोथेरेपी(Radiotherapy) जैसी पद्धतियों में कई बार एग्स और स्पर्म्स के साथ-साथ उन्हें सपोर्ट करने वाली सेल्स को भी डैमेज होता है। (Side effects of radiotherapy)

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