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ज्यादा जिंक छीन लेता है कैंसर मरीजों की ताकत

शोधकर्ताओं के अनुसार,जिंक की अतिरिक्त मात्रा से मांसपेशियों की ताकत कम हो सकती है और मौत का ख़तरा बढ़ सकता है।

कैंसर मरीजों के मांसपेशियों में जिंक की अतिरिक्त मात्रा उनकी मांसपेशियों की ताकत कम कर सकती है और उनके मौत के जोखिम को बढ़ा सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, काचेक्सिया को 30 फीसदी सभी तरह के कैंसर रोगियों के मौत के जिम्मेदार ठहराया जाता है।

कोचेक्सिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती है। इससे कैंसर के उपचार, जीवन की खराब गुणवत्ता व दुर्बल स्थिति के प्रति सहनशीलता कम हो जाती है।

हालांकि, इस स्थिति के लिए कोई प्रभावी इलाज नहीं है और इसका कारण अभी भी काफी हद तक अज्ञात है।

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अमेरिका के इरविंग में कोलंबिया विश्वविद्यालय के स्वर्णाली आचार्य ने कहा, "एक आम गलतफहमी है कि काचेक्सिया सिर्फ एक पोषण की समस्या है, जो कैंसर या इसके उपचार से होने वाली भूख की कमी से पैदा होती है।"

उन्होंने कहा, "काचेक्सिया मांसपेशियों को तोड़ना जारी रखती है, इससे मरीज कैंसर रोधी उपचार के मानक खुराक को बर्दाश्त करने में काफी कमजोर हो जाता है और उनके चिकित्सकों को उपचार वापस लेना पड़ता है।"

आचार्य ने कहा, "काचेक्सिया डायफ्राम व दिल की मांसपेशियों को भी कमजोर कर सकती है, जिससे बहुत से कैंसर मरीजों में श्वसन में बाधा या हर्ट फेल्योर से मौत हो सकती है।"

स्रोत: IANS Hindi.

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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