असम के मिनिस्टर कहते है, 'हमारे पापों की सजा है कैंसर'

क्या सचमुच कैंसर होना पापों की सजा है? आपका क्या मत है?

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Written By: Sushantdeep Sagvekar | Updated : November 23, 2017 1:06 PM IST

असम के मिनिस्टर हिमंत बिस्वा सरमा ने ये कहकर नया बवाल मचाया है, कैन्सर और एक्सिडेंट  होना ये हमारे पूर्व जन्मों के पापों की सजा है।

गुवाहाटी के एक समारोह में हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, भगवान हमें हमारे पापों की सजा देता है। कभी-कभी हम सुनते है नौजवान लड़के को कैंसर  हुआ या नौजवान लड़के का एक्सिडेंट हुआ। अगर आप ध्यान से इसके  पीछे सोचे तो आपको पता चलेगा ये हमारे पापों की सजा है। हमें ये सजा भुगतनी ही होगी ।

भारतीय जनता पार्टी के इस नेता आगे कहा, इस जन्म या पिछले जन्मों की या अपने माता-पिता के पापों की सजा हमें भुगतनी पड़ती है। आगे वह कहते है कि ये न्याय तो सबके साथ होगा। और कोई भी इससे नहीं बच सकता है।

इस पर कॉंग्रेस के नेता पी. चिदंबर ने ट्विट किया,' आसाम के मिनिस्टर कहते है पापों की सजा का न्याय है कैंसर, मगर पार्टी बदलनेवाले नेता पापी नहीं होते हैं।'

हिमंत बिस्वा सरमा जी ने भी 2015 में कॉंग्रेस पार्टी छोड़कर बीजेपी से राजनीती की शुरूआत की है।

उनके इस कमेंट पर कई पार्टी के नेताओ ने उनपर निशाना साधा है। पी चिदंबरम जी जवाब देते हुए उन्होंने कहा,' सर कृपया बात मत घुमाए। मैने सिर्फ हिंदु धर्म का कर्मा का नियम बताया है, जिसमें मनुष्य अपने पिछले जन्म की कर्मों की सजा इस जन्म भुगतता है।जिसपर आप विश्वास नहीं करते है। मुझे पता नहीं आपके पार्टी में हिंदू धर्म पर क्या बातें हो सकती है।'

भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में ऐसे जनता के प्रतिनिधी को कैन्सर जैसे जानलेवा बीमारी को लेकर जनता की भावनाओं के साथ आहत करना सही है।

सौजन्य: ANI

चित्र स्रोत: ANI

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