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Written By: Jitendra Gupta | Published : November 14, 2022 4:27 PM IST
कैंसर सेल्स के साइज को बढ़ाती हैं ये 2 चीजें! जानें शरीर में कैसे फैलता है कैंसर
क्या आपने कभी सोचा है कि कैंसर सेल्स शरीर में कैसे बढ़ते हैं? शायद ही आपने सोचा हो कि कैंसर सेल्स खुद को बढ़ाने के लिए आपके शरीर में मौजूद प्रोटीन का सहारा लेती है। जी हां, आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा। एक शोध में ये जानकारी सामने आई है कि कैसे कैंसर सेल्स को बढ़ने और शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। इस शोध में कैंसर से जुड़े प्रोटीन में मेटल को बांध कर रखने वाले प्रोटीन के बीच संबंधों के परिणाम पर ये शोध आधारित है।
हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए सेल्स की जरूरत होती है और हमारे सेल्स को थोड़ी मात्रा में मेटल कॉपर की जरूरत होती है। अध्ययन से ये सामने आया है कि ट्यूमर वाली कोशिकाओं में कॉपर की उच्च मात्रा होती है। इसके अलावा कैंसर रोगियों के ब्लड सीरम में मौजूद कैंसर कोशिकाओं को हेल्दी सेल्स के मुकाबले ज्यादा कॉपर की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा जब कॉपर का लेवल ज्यादा होता है कि कॉपर को रखने वाले प्रोटीन अधिक मात्रा में सक्रिय होते हैं।
स्टडी में ये सामने आया है कि कैंसर से होने वाली ज्यादातर मौतों की वजह सेकेंडरी ट्यूमर होते हैं, जो शरीर के कई हिस्सों में बनते हैं, जैसे लिवर और फेफड़े। स्टडी में से एक, जो और निकलकर सामने आई है वो ये कि Memo1 नाम का प्रोटीन, जो कि कैंसर सेल्स के संकेत भेजने वाले तंत्र का एक हिस्सा है बहुत तेजी से बढ़ता है और शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलता है।
पहले भी कई शोध में ये सामने आ चुका है कि ब्रेस्ट कैंसर सेल्स में जब Memo1 का जीन असक्रिय होता है तो ट्यूमर के बनने वाले खतरे को भी कम करने लगता है।
चाल्मर्स के शोधकर्ताओं की एक टीम ने Memo1 और कॉपर के बीच संबंधों का पता लगाने की कोशिश की। साइंटिफिक जर्नल PNAS में प्रकाशित एक अन्य स्टडी में ये भी सामने आया है कि शोधकर्ताओं ने Memo1 प्रोटीन की कॉपर को बांधने की क्षमता का पता लगाने की कोशिश की, जिसे टेस्ट ट्यूब एग्जाम के जरिए किया गया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रोटीन में कॉपर को रोककर रखने की क्षमता है लेकिन सिर्फ कॉपर की थोड़ी मात्रा को। ये वो कॉपर होता है, जो जीवित कोशिकाओं में मौजूद होता है। ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण खोज है क्योंकि कॉपर की कम मात्रा कोशिकाओं को खत्म करने का काम करती है। लेकिन जान लीजिए कि शरीर को भी कॉपर की जरूरत होती है।
अध्ययन के मुख्य लेखक परनिला विट्टुंग स्टैफशेडे का कहना है कि ये ट्यूमर के लिए कॉपर पर ज्यादा निर्भर रहने के खतरे को बढ़ा देता है क्योंकि ये कैमिकल रिएक्शन को बढ़ाने का काम करता है, जो कि कैंसर कोशिकाओं के लिए हानिकारक होता है। हमारा मानना है कि Memo1, कॉपर को जरूरत के वक्त रोककर कैंसर कोशिकाओं की सुरक्षा करता है, जो कि जीवित रहती हैं और तेजी से फैलती रहती है।