क्या कोई व्यक्ति एक साथ कोरोना के दो वेरिएंट से संक्रमित हो सकता है, जानिए विस्तार से

कोरोना का संक्रमण अभी भी भारत के कई राज्यों में जारी है ऐसे में हमें सतर्क रहना जरूरी है, ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या कोई व्यक्ति एक साथ कोरोना के दो वेरिएंट से संक्रमित हो सकता है, आइए जानते हैं। 

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Written By: Atul Modi | Updated : August 20, 2021 3:31 PM IST

हाल ही में, असम के एक डॉक्टर को कोविड-19 के अल्फा और डेल्टा दोनों वेरिएंट से संक्रमित पाया गया था, जिसके बाद विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ गई थी लोग इसके खतरे को लेकर ज्यादा चिंतित हो रहे थे मगर अब एक सीनियर साइंटिस्ट ने एक उम्मीद की किरण देते हुए बताया है कि इस प्रकार के दोहरे संक्रमण का संबंध किसी गंभीर बीमारी से नहीं हो सकता है। इस बात का समर्थन करते हुए असम के डॉक्टरों ने बताया है कि दोहरे संक्रमण वाले रोगियों में हल्के लक्षण दिखाई दे सकते हैं जैसे गले में खराश, शरीर में दर्द, अनिद्रा आदि। जिसके लिए पेशेंट को हॉस्पिटल में भर्ती करने की भी आवश्यकता नहीं है वह घर पर ही आसानी से ठीक हो सकता है।

हालांकि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अलग-अलग स्ट्रेन से संक्रमण संभव है हालांकि इसका संबंध मृत्यु दर से है या नहीं या अभी तक अज्ञात है क्योंकि अभी इसके मामले बहुत कम है। इस पर तभी शोध किया जा सकता है जब इस प्रकार के मामले ज्यादा हो।

हालांकि एक सवाल यह भी उठाया गया है कि यह वायरस किस तरह से लोगों को संक्रमित कर रहा है या दोहरे संक्रमण का क्या मतलब हो सकता है। इसके जवाब में बताया गया है कि अधिकांश दोहरे संक्रमण उन रोगियों में देखे गए जिनका टीकाकरण नहीं हुआ था या जिन्हें सिर्फ सिंगल डोज ही वैक्सीन लगी थी।

एक साथ दो वेरिएंट से संक्रमित होना स्वाभाविक

किसी व्यक्ति का एक साथ दो वेरिएंट से संक्रमित होना स्वाभाविक है। यह उन लोगों के लिए समस्या हो सकती है, जिन्हें टीका नहीं लगाया गया है। उदाहरण के तौर पर देखें तो ब्रिटेन में जहां डेल्टा और अल्फा वैरीअंट काफी प्रचलित है, लेकिन दोहरे संक्रमण के मामले ना के बराबर हैं, क्योंकि वहां अधिकांश आबादी को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है इस प्रकार दोबारा संक्रमण या किसी प्रकार का गंभीर संक्रमण होने की संभावना कम हो जाती है।

कोरोनावायरस के दिशानिर्देशों का पालन करते रहें

अगर हम भारत की बात करें तो लगभग 40% आबादी का भी पूर्ण टीकाकरण नहीं हुआ है, वही ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें टीकाकरण की एक भी खुराक नहीं मिली है, जो चिंता का विषय है। वैज्ञानिकों का मानना है कि दोबारा संक्रमण और कई संक्रमण संभव है और इस प्रकार लोगों को कोरोनावायरस के दिशानिर्देशों का पालन करते रहना चाहिए। चाहे उन्हें टीका लगाया गया हो या नहीं। जिन लोगों को पहले ही कोविड हो चुका है उन्हें भी अपनी बारी आने पर टीका लगवाना चाहिए।

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