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बेहतर हेल्थ केयर सर्विस और दवाइओं के लिए भारत और जापान के बीच एमओसी को मंजूरी

समृद्ध पारंपरिक औषधि की परिप्रेक्ष्‍य में जापान में आयुर्वेद और योग के प्रति रुचि निरंतर बढ़ रही है।

बेहतर हेल्थ केयर सर्विस और दवाइओं के लिए भारत और जापान के बीच एमओसी को मंजूरी

Written by Editorial Team |Updated : December 7, 2018 10:15 AM IST

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल और आरोग्‍य के क्षेत्र में भारत और जापान सरकार के कनागवा प्रीफैक्‍ट्रूरल के बीच समझौता ज्ञापन (एमओसी) को मंजूरी दे दी। इस समझौता ज्ञापन से पारंपरिक औषधि प्रणली के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह दोनों ही देशों के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण है।

भारत में पारंपरिक औषधि की समृद्ध परंपरा है। वैश्विक स्‍वास्‍थ्‍य परिदृश्‍य में इसकी असीम संभावनाएं हैं। आयुष मंत्रालय ने इन पारंपरिक औषधि प्रणालियों को बढ़ावा देने, प्रचार करने और इसे वैश्विक स्‍तर पर मान्‍यता दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। पारंपरिक औषधि के क्षेत्र में सहयोग के लिए 14 देशों के साथ समझौते किए गए हैं।

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भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों का बहुत लम्‍बा इतिहास रहा है। इसका आधार है- आध्‍यात्मिक लगाव तथा मजबूत सांस्‍कृतिक व सभ्‍यता संबंध। भारत और जापान के बीच राजनीतिक, आर्थिक, विज्ञान संबंधी और सांस्‍कृतिक संबंध बहुत महत्‍वपूर्ण हैं। समृद्ध पारंपरिक औषधि की परिप्रेक्ष्‍य में जापान में आयुर्वेद और योग के प्रति रुचि निरंतर बढ़ रही है।

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