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तेजी से बढ़ रहा आंखों की इस बीमारी का खतरा! 2040 तक 30 करोड़ से भी ज्यादा लोग हो सकते हैं इसका शिकार

हाल ही में हुए एक शोध में दावा किया गया है कि साल 2040 तक आंखों के मरीजों की संख्या लगभग 30 करोड़ हो जाएगी। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

Written By priya mishra
Updated : May 16, 2024 8:31 AM IST

आंखें हमें प्रकृति ने दिया एक अनमोल तोहफा है, जिसकी कीमत हमें किसी तरह की समस्या हो जाने पर समझ आती है। लेकिन बात करें पिछले एक दशक की तो आंखों से संबंधित समस्याएं काफी तेजी से सामने आई हैं। जब पहले आंखों की कमजोरी या अन्य समस्याएं बड़े-बुजुर्गों से जोड़कर देखी जाती थी, वहीं आज इसके शिकार बड़ी संख्या में बच्चे भी होते जा रहे हैं। हाल ही में एक आंखों के स्वास्थ्य को लेकर एक हेल्थ रिपोर्ट जारी की गई है। जिसमें हेल्थ एक्सपर्ट्स ने एक गंभीर चिंता जताते हुए बताया है कि जिस तरह से हमारी लाइफस्टाइल मे परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, इससे साल 2040 तक लगभग 30 करोड़ लोग 'एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन' के शिकार हो सकते हैं। वहीं बात करें आज के समय की तो फिलहाल इस बीमारी से 20 करोड़ लोग प्रभावित हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें आयु बढ़ने के साथ आंखों से कम दिखाई देना या कोई और समस्या भी शामिल है।

क्या है 'एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन'?

यह एक ऐसी समस्या है जो अधिकतर 50 साल से अधिक आयु के लोगों को होती है, जो समय के साथ स्थाई दृष्टि हानि का कारण बन जाती है। इस रोग के कारण आपका रेटिना सर्वाधिक प्रभावित होता है। इस बीमारी की गंभीरता की बात करें तो यह आपके पूर्ण अंधेपन का कारण तो नहीं बनती लेकिन इससे आपको दृष्टि संबंधी समस्याएं जरूर पैदा हो सकती हैं।

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किन लोगों को है ज्यादा खतरा?

हेल्थ रिपोर्ट की मानें तो एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा उन लोगों को अधिक होता है, जो किसी तरह के व्यसन जैसे धूम्रपान या अल्कोहल का सेवन करते हैं। वहीं हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल से प्रभावित लोग इस समस्या के शिकार जल्दी हो जाते हैं। इसके साथ हम आपको बता दें कि इस रोग का कोई इलाज नहीं है, हालांकि इसके लक्षणों को कम करने के लिए कुछ उपायों की मदद ली जा सकती है।