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Written By: Atul Modi | Updated : September 8, 2021 5:47 PM IST
Minimally invasive incision is less painful and better tolerated by the patient.
प्रयागराज के फिनिक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने 4 साल की एक बच्ची का ऑपरेशन कर पेट से ढाई सौ ग्राम का बालों का गुच्छा निकाला है। लड़की ने कुछ दिन पहले पेट में दर्द होने की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले आया गया जहां पर डॉक्टरों ने जांच में पाया कि वह ट्राइकोबीजोर रेपेन्जल सिंड्रोम (Trichobezore Rapunzel Syndrome) से पीड़ित है।
फिनिक्स अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जन डॉक्टर धनेश अग्रहरी ने बताया कि, 4 वर्षीय इस बच्ची का ऑपरेशन 1 सितंबर को किया गया था, वह करीब पिछले 2 साल से बाल व धागों की पट्टी इत्यादि चीजों को खाती थी, जो धीरे-धीरे उसके 'खाने के थैले' में इकट्ठा हो रहा था, जिसके कारण उसकी आंतों में छेद होने लगे और आंतें अंदर घुसने लगी थी। यह चीजें जब बढ़ने लगी तो उसके पेट में दर्द, शारीरिक कमजोरी और उल्टियां होने लगी, जिसके बाद परिजनों ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया।
करीब 3 से 4 घंटे तक चले ऑपरेशन में बच्ची के पेट 250 ग्राम से 300 ग्राम तक का बालों का गुच्छा निकाला गया है। लड़की खतरे से बाहर है उसे जल्दी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
डॉ धनेश ने बताया कि, यह एक प्रकार का बिहेवियरल डिसऑर्डर है जिसका कंप्लीट ट्रीटमेंट साइकेट्रिस्ट के पास होना है। यह एक रेपेन्जल सिंड्रोम है, जो आमतौर पर टीनएज लड़कियों में देखने को मिलता है, मगर यह मामला थोड़ा अलग है। सबसे कम उम्र के बच्चे को होने वाला यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक केस 3 साल के एक मेल चाइल्ड में पाया गया था।
डॉक्टर धनेश ने कहा कि, इस प्रकार के डिसऑर्डर में जब बच्चे किसी कारणवश डिप्रेशन में होते हैं तो वह अपने बालों को खाने लगते हैं। जब बाल पेट में इकठ्ठा होने लगता है तो आंतों को काफी नुकसान पहुंचाता है और बाद में ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ती है।