
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : February 1, 2021 1:32 PM IST
सोमवार को देश की वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने संसद में 11 बजे से आम बजट (Health Budget 2021) पेश करना शुरू कर दिया है। कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते डूबती अर्थव्यवस्था की नांव को सरकार किस तरह से पार लगाती है इसका इंतजार सिर्फ विपक्ष को ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक को है। कोरोना महामारी (COVID-19 Pandemic) के चलते सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए सरकार ने हेल्थ सेक्टर पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। बजट (Health Budget 2021) के अनुसार सरकार 'आत्मनिर्भर हेल्थ योजना' (Atmanirbhar Health Yojana) के लिए 64100 करोड़ रुपए खर्च करेगी। जबकि कोरोना से निपटने के लिए सरकार कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) पर 35 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) और आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat Yojana) की तर्ज पर एक नई हेल्थ स्कीम की भी शुरुआत की जाएगी। यकीनन इससे देश के हर आदमी को बड़ा लाभ मिलने वाला है।
साल 2021 का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। क्योंकि इस साल सरकार ने हेल्थ सेक्टर के लिए जिस राशि का ऐलान किया है इतना आज से पहले कभी नहीं किया गया है। साथ ही निर्मला सीतारमण ने इस साल एक नई हेल्थ स्कीम 'आत्मनिर्भर हेल्थ योजना' (Atmanirbhar Health Yojana) का भी ऐलान किया है। जिस पर हेल्थ बजट में से कुल 64100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
साल 2021 के बजट (Health Budget 2021) में मोदी सरकार ने हेल्थ सेक्टर में आम आदमी को एक बड़ा तोहफा दिया है। पिछले साल बजट में जहां हेल्थ सेक्टर के लिए 94 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, वहीं इस साल हेल्थ सेक्टर में कुल 2.38 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की गई है। अगर प्रतिशत में देखें तो इस साल हेल्थ सेक्टर के बजट में कुल 135 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि हेल्थ सेक्टर के लिए जिस राशि की घोषणा हुई है उसके तहत प्राइमरी लेवल से लेकर उच्च स्तर तक की स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा पुरानी बीमारियों के साथ ही सरकार नई बीमारियों पर भी बारीक नजर रखेगी, जो नेशनल हेल्थ मिशन (National Health Mission) से अलग होगा।
निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने के लिए देशभर में 17,000 ग्रामीण और 11,000 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। सभी जिलों में जांच केंद्रा स्थापित होंगे और 602 जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल खुलेंगे। नेशलन सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल, इंटिग्रेटेड हेल्थ इंफो पोर्टल को मजबूत करने की कोशिश भी साथ साथ चलती रहेगी। सिर्फ यही नहीं 17 नए पब्लिक हेल्थ यूनिट को भी चालू किया जाएगा।