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Irregularities in the blood of long COVID-19 patients: लॉन्ग कोविड के मरीज़ों में दिखी रक्त से जुड़ी कई समस्याएं, स्टडी में हुआ खुलासा

कोविड रिकवरी के बाद कई हेल्थ समस्याओं का सामना कर रहे लोगों के रक्त में अनियमितता की यह स्थितियों का एक एडवांस लैब टेस्ट के ज़रिए का पता चला। (Irregularities in the blood of long COVID-19 patients)

Irregularities in the blood of long COVID-19 patients: ब्रिटेन के वैज्ञानिकों को लॉन्ग कोविड मरीज़ों में रक्त से जुड़ी समस्याओं के एक पैटर्न का पता चला है। कोविड रिकवरी के बाद कई हेल्थ समस्याओं का सामना कर रहे लोगों के रक्त में अनियमितता की यह स्थितियों का एक एडवांस लैब टेस्ट के ज़रिए का पता चला। लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज (Imperial College London) के रिसर्चर्स ने लॉन्ग कोविड से ग्रसित कुछ लोगों के खून में रग एंटीबॉडीज़ (rogue antibodies) का एक पैटर्न पाया।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ रिसर्च (National Institute of Health Research) के एलेन मैक्सवेल (Elaine Maxwell) ने कहा, कि इस परीक्षण के शुरुआती परिणाम हैरान करने वाले थे। मैक्सवेल के अनुसार, कोविड-19 संक्रमण के बाद कई अलग-अलग तरह की समस्याएं हो सकती हैं जिसमें यह ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया होने की भी आशंका व्यक्त की गयी है। गौरतलब है कि, कोविड-19 संक्रमण के बाद मरीजों में कोविड जैसी स्थितियां भी देखी गयी हैं जिन्हें पोस्ट-अक्यूट सीक्वेल (post-acute sequelae of COVID-19 ) के तौर पर जाना जाता है।

हर उम्र के मरीज़ों में दिखी समस्याएं

यह स्थिति हर उम्र के लोगों में देखी गयी जिनमें, दर्द, सांस लेने में कठिनाई, हाइपरलिपिडिमिया (hyperlipidemia), अस्वस्थता और थकान जैसी कई स्थितियां भी देखी गयीं। फिलहाल, लॉन्ग कोविड की स्थिति का पता लगाने या इसके निदान के लिए कोई टेस्ट उपलब्ध नहीं है।

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टीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रमुख स्टडी में दर्जनों लोगों के रक्त सैम्पल्स की तुलना की गयी और पाया गया कि जल्दी रिकवर होने वाले या नॉन- कोविड (जिन्हें कोविड-19 नहीं था) लोगों में मौजूद खुद बनने वाली एंटीबॉडीज़ (autoantibodies) नहीं पायीं गयीं। वहीं, मानव प्रतिरक्षा प्रणाली में बीमारियों और इंफेक्शन से लड़ने वाली एंटीबॉडीज़ बनाने की क्षमता होती है, और कभी-कभी शरीर ऑटोएंटीबॉडीज़ भी बनाता है, जो हेल्दी सेल्स पर भी हमला करती हैं।

इंपीरियल के प्रमुख शोधकर्ता प्रो. डैनी ऑल्टमैन के हवाले से कहा गया है कि लॉन्ग कोविड के लक्षणों के पीछे यह ऑटोएंटिबॉडी एक कारण हो सकता है। इसके अलावा, यह भी संभावना है कि कुछ लोगों में वायरस स्थायी हो सकता है, जबकि अन्य को उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ अन्य समस्याएं हो सकती हैं। ऑल्टमैन ने कहा, जैसा कि अनुसंधान अभी भी एक प्रारंभिक चरण में है, निष्कर्षो को अभी तक एक सफलता के रूप में वर्णित नहीं किया जा सकता। (Irregularities in the blood of long COVID-19 patients)

(आईएएनएस)

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