
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
आंकड़ों की माने तो ब्रेस्ट कैंसर के मरीज़ों में भारत की महिलाओं की संख्या बहुत ज़्यादा है। © Shutterstock.
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की ही तरह पाया जाने वाला कैंसर का आम प्रकार है और कैंसर की वजह से महिलाओं की मृत्यु दर का एक बड़ा कारण भी है। ग्लोबाकैन द्वारा 2017 में सार्वजनिक किए गए आंकड़ों की माने तो ब्रेस्ट कैंसर के मरीज़ों में भारत की महिलाओं की संख्या बहुत ज़्यादा है। ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए इसके प्रति जागरूक रहना ज़रूरी है। महिलाओं को नियमित तौर पर मैमोग्राफी और पैप स्मियर जैसे टेस्ट कराने चाहिए ताकि समय रहते ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा आप अपने भोजन में कुछ फल और सब्ज़ियां शामिल कर सकती हैं। विभिन्न स्टडीज़ में इन सब्ज़ियों-फलों में ऐसे तत्वों की मौजूदगी की बात की गयी है जो ब्रेस्ट कैंसर के प्रभाव को कम करने का काम कर सकते हैं। डायबिटीज़ के लिए डायट टिप्स जो एक्सपर्ट्स दोहराते हैं बार-बार।