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Written By: Editorial Team | Published : October 23, 2018 8:28 PM IST
@press release.
अक्टूबर माह स्तन कैंसर जागरुकता माह के रूप में मनाया जाता है, जहां विभिन्न अस्पताल, समुदाय और संगठन विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्तन कैंसर को लेकर जागरूकता का प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं गतिविधियों के बीच उत्तर भारत के सर्वश्रेष्ठ कैंसर संस्थानों में एक राजीव गांधी कैंसर इन्स्टीट्यूट एवं रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) द्वारा रोहिणी में स्तन कैंसर सर्वाइवर्स के साथ 'डर से स्वतंत्रता' विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया।
आरजीसीआईआरसी के स्तन कैंसर सर्जिकल ओन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 70 स्तन कैंसर सर्वाइवर्स ने भाग लिया और सभी युवा स्तन कैंसर रोगियों संग अन्य सभी को आगे आकर इस रोग से बचाव और रोकथाम को लेकर चर्चा करने का आान किया।
डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हमारा उद्देश्य सर्वाइवर्स की इस बीमारी से लड़ने से लेकर इस पर जीत पाने की प्रेरणादायी यात्रा को साझा करते हुए युवा रोगियों, विशेषरूप से बी.आर.सी.ए. पॉजीटिव रोगियों को जागरूक करना है कि किस तरह से वे अन्य स्तन के कैंसर से बचा सकते हैं। ऐसे युवा जो कि डर और हीन भावना के चलते इसके विषय में खुलकर सामने नहीं आते और न ही बातचीत या चर्चा करते हैं। ऐसे में यह एक स्तर ने दूसरे स्तन को प्रभावित करता है और यह रोग अधिक बढ़कर उनके जीवन को प्रभावित करता है।
डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि राजीव गांधी कैंसर इन्स्टीट्यूट में हम हर तरह की स्तन कैंसर सर्जरी कर रहे हैं, जिसमें भारत में पहली ही बार स्तन कैंसर में रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो काफी सार्थक भी सिद्ध हो रही है।
डॉ. राजीव ने बताया कि हम ब्रेस्ट कैंसर सहित सभी तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए जागरूकता फैला रहे हैं। हमारा मानना है कि यदि सही तरीके से ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग हो सके तो महिलाओं में होने वाले लगभग 50 फीसदी कैंसर की रोकथाम संभव है। उन्होंने आगे बताया कि शुरूआती दौर के मामलों में जहां 90 फीसदी बचाव के अवसर होते हैं वहीं एडवांस स्टेज के कैंसर में यह दर 30 फीसदी से भी कम है।
मौके पर मौजूद सर्वाइवर्स ने सभी को विभिन्न जानकारियां व तथ्य साझा किये और सभी से आान किया कि पीछे ना रहें, निडर होकर आगे आयें, नियमित जांच करायें, शुरूआती स्तर पर इसकी रोकथाम करें और अधिक से अधिक जागरूकता फैलाकर जनमानस को लाभ पहुंचाये।
कार्यक्रम के दौरान सर्वाइवर्स के अतिरिक्त संस्थान के विभिन्न अधिकारी, वालेंटियर्स, सहित युवाओं की प्रतिभागिता देखने को मिली। सर्वाइवर्स द्वारा प्रस्तुत जीत के सूचक गीत और उनकी आप-बीती पर कुछ लोग भावुक तो कुछ ने आगे आकर स्तन कैंसर की जागरूकता फैलाने का प्रण लिया।