इस गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं हॉलीवुड एक्टर ब्रैड पिट, नहीं पहचान पाते हैं लोगों का चेहरा

Brad Pitt disease: हॉलीवुड एक्टर ब्रैड पिट ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया है कि उन्हें फेस ब्लाइंडनेस नामक (Prosopagnosia) गंभीर बीमारी है। आइए जानते हैं क्या है ये।

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Written By: Pallavi Kumari | Updated : July 11, 2022 9:31 AM IST

हॉलीवुड फिल्मों की जान एक्टर ब्रैड पिट (Hollywood hero Brad Pitt) अचानक से अपनी बीमारी को लेकर चर्चा में आ गए हैं। दरअसल, खबर है कि वे फेस ब्लाइंडनेस (face blindness disease) बीमारी से पीड़ित हैं। इसे प्रोसोपेग्नोसिया (Prosopagnosia) भी कहा जाता है, जिसमें कि व्यक्ति लोगों के चेहरे पहचानने में संघर्ष करता है। ब्रैड पिट (Brad Pitt) बताते हैं कि उन्हें विशेष रूप से ये समस्या तब होती है जब वे सामाजिक समारोहों में भाग लेते हैं। जैसे कि पार्टियों में। ऐस में समय में वे अक्सर लोगों को पहचान नहीं पाते और लोगों को लगता है कि वे घमंडी हैं और लोगों को ना पहचानने का नाटक कर रहे हैं।

ब्रैड पिट (Brad Pitt) ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि ''मैं दूसरे से मिलना चाहता हूं और उन्होंने वर्षों तक लक्षणों का अनुभव किया।'' बहुत से लोग मुझसे नफरत करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मैं उनका अनादर कर रहा हूं, लेकिन ये एक बीमारी है, जिससे मैं जूझ रहा हूं। ''

फेस ब्लाइंडनेस की बीमारी क्या है-What is face blindness disease

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक के अनुसार, फेस ब्लाइंडनेस असल में एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। ये एक न्यूरॉन फ्यूसीफॉर्म गाइरस में असामान्यता, क्षति या हानि के कारण होता है। ये मस्तिष्क में चेहरे की धारणा और स्मृति में योगदान देता है। यह किसी व्यक्ति की चेहरों को पहचानने की क्षमता को प्रभावित करता है। स्थिति की गंभीरता अलग-अलग होती है, दोस्तों और परिवार के सदस्यों के चेहरों को पहचानने में सक्षम न होने से लेकर किसी भी चेहरे की पहचान याद रखने तक।

फेस ब्लाइंडनेस की बीमारी का कारण क्या है-Causes of face blindness disease

फेस ब्लाइंडनेस या प्रोसोपेग्नोसिया दो प्रकार के होते हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना कारण होता है। डेवलपमेंटल प्रोसोपेग्नोसिया (developmental prosopagnosia ) जिसमें कुछ लोग मस्तिष्क क्षति का अनुभव किए बिना प्रोसोपेग्नोसिया के साथ पैदा होते हैं, जिसे एक प्रकार का विकासात्मक प्रोसोपेग्नोसिया भी कहा जाता है। यह प्रकार अक्सर परिवारों में चलता है और माना जाता है कि यह आनुवंशिक बीमारी है। दूसरा मस्तिष्क में चोट लगने से शुरू होता है। ये स्ट्रोक, दर्दनाक मस्तिष्क की चोट या कुछ न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के कारण हो सकता है।

बता दें कि फेस ब्लाइंडनेस के लिए कोई इलाज नहीं है। उपचार में अक्सर सामाजिक स्थितियों में बदलने के लिए सीखने की रणनीतियां शामिल होती हैं। एनआईएनडीएस का कहना है कि जिन वयस्कों की स्थिति स्ट्रोक या मस्तिष्क में लगे किसी चोट के बाद होती है इसलिए इन स्थितियों से बचने की कोशिश करनी चाहिए।