कोरोना से बचने के लिए आपको लगवानी ही पड़ेंगी 2 वैक्सीन, नहीं रहेगा दोबारा कोरोना होने का खतरा

एफडीए के अधिकारियों ने बताया है कि कोरोना वायरस से संपूर्ण सुरक्षा के लिए लोगों को फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना कोविड-19 वैक्सीन लगाने की जरूरत होगी।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : January 6, 2021 5:41 PM IST

साल 2021 अपने साथ कोरोना को हराने का तरीका लगभग-लगभग लेकर आया है लेकिन कोरोना वैक्सीन लगाने की सही तरीका क्या है इसके बारे में लोग अभी अनजान हैं। एफडीए के अधिकारियों ने बताया है कि कोरोना वायरस से संपूर्ण सुरक्षा के लिए लोगों को फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना कोविड-19 वैक्सीन (Pfizer-BioNTech and Moderna COVID-19 vaccines) लगाने की जरूरत होगी। एफडीए के अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि लोगों को कोरोना के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए दोनों वैक्सीन (Pfizer-BioNTech and Moderna COVID-19 vaccines) के डोज की जरूरत होगी क्योंकि क्लिनिकल ट्रायल में भी ऐसा ही किया गया है।

क्या कहते हैं एफडीए के अधिकारी (Pfizer-BioNTech and Moderna COVID-19 vaccines)

एफडीए के अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा है कि हम कोरोना के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाने के मकसद से वैक्सीन को एक-दूसरे के साथ मिलाने, डोज की मात्रा को चेंज करने, दोनों डोज के बीच समय अंतर को बढ़ाने, डोज की संख्या को कम करने के बारे में चल रही न्यूज रिपोर्ट और बातचीत पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी जरूरी सवाल और आकलन क्लिनिकल ट्रायल (Pfizer-BioNTech and Moderna COVID-19 vaccines) में परखें गए हैं।

फाइजर की वैक्सीन में 21 दिनों का अंतर

सीएनएन की खबर के मुताबिक, वहीं ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना है कि वे फाइजर वैक्सीन के डोज के बीच 21से ज्यादा दिनों का अंतर रखेंगे। अमेरिकी सरकार टीकाकरण का दायरा बढ़ाकर मॉडर्ना वैक्सीन की डोज में कटौती करेगी और वैक्सीन के दो शॉट ही देगी।

मॉडर्ना वैक्सीन की डोज असरदार

एक शोधकर्ता का कहना है कि शोध में ये बात सामने आई है कि मॉडर्ना वैक्सीन (Pfizer-BioNTech and Moderna COVID-19 vaccines) की दो 50 माइक्रोग्राम की डोज 18-55 साल के लोगों पर 100 माइक्रोग्राम डोज के समान नतीजे ही दिखाईगी। उन्होंने बताया कि इसका मतलब साफ है कि हम लोग उतनी ही डोज में दोगुना लोगों तक वैक्सीन पहुंचा सकते हैं।

क्लिनिकल ट्रायल में सामने आए आंकड़े (Pfizer-BioNTech and Moderna COVID-19 vaccines)

क्लिनिकल ट्रायल के आंकड़ों के आधार पर ये जानकारी मिली है कि फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन की डोज 21 दिनों के अंतराल पर दी जानी चाहिए जबकि मॉडर्ना वैक्सीन की डोज 28 दिनों के अंतराल पर दी जानी चाहिए। क्लिनिकल परीक्षण के दौरान, फाइजर (Pfizer-BioNTech and Moderna COVID-19 vaccines) के 98% प्रतिभागियों को दो खुराक मिली, और 92% मॉडर्न प्रतिभागियों को दो खुराक मिली। जिन प्रतिभागियों को दो खुराक नहीं मिलीं, उनकी इम्यूनिटी कितने दिन में बढ़ी इस बारे में कोई निष्कर्ष नहीं सामने आया।

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