
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : June 16, 2022 10:24 AM IST
कोरोना की तीसरी लहर के बाद रोजाना के नए मामले और एक्टिव केस दोनों कम होने लगे थे और लोगों को लगने लगा था कि कोरोना अब सिमटने लगा है। लेकिन बीते कुछ हफ्तों से कोरोना के मामलों में फिर से हलचल दिखने लगी थी और देखते ही देखते दिल्ली व मुंबई समेत कई शहरों में इसके मामले तेजी से बढ़ना भी शुरू हो गए थे। कोरोना की स्थिति पर सभी स्वास्थ्य विभाग कमर कसे हुए हैं और हर प्रकार की स्थिति के लिए पहले से तैयार हैं। बता दें कि कोरोने के बढ़ते मामलों के देखते हुए नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (NTAGI) आज एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा। जिसमें छोटे बच्चों को वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज का समय कम करने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
जिस प्रकार से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ना शुरू हो रहे हैं, ऐसे में राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी परामर्श समूह (एनटीएजीआई) आज होने वाली मीटिंग में बूस्टर डोज के समय के गैप को कम करने पर विचार कर सकता है। गौर हो कि इस समय दूसरी डोज लगाने के लिए 9 महीने का इंतजार करने का प्रावधान है। इसी समय को 9 महीने से कम करके 6 महीने करने पर विचार किया जा रहा है।
कोरोना महामारी के दौरान बूस्टर डोज स्थिति को कम करने में काफी मददगार रहा है। देखा गया है कि बूस्टर डोज लेने पर ज्यादातर लोगों में कोरोना से कोई गंभीर लक्षण नहीं हो पाता है और वे अपने आप रिकवर हो जाते हैं। साथ ही समय पर बूस्टर डोज लगाने से मृत्यु के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इतना ही नहीं बीते साल में बूस्टर डोज पर भी कई अध्ययन किए जा चुके हैं और उनमें से ज्यादातर में बूस्टर डोज को कोरोना से जंग के प्रति काफी प्रभावी बताया गया है। कुछ शोधकर्ताओं ने माना कि बूस्टर डोज कोरोना संक्रमण को गंभीर होने से रोकने में काफी मदद करती है, जिससे फेफड़ों की बीमारी और मरीज की मृत्यु होने आदि का खतरा कम हो जाता है।