बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता का ऑटोइम्यून बीमारी से निधन मुंबई में ली आखिरी सांस, जानें क्या है मायस्थीनिया ग्रेविस

Bollywood news: बॉलीवुड की तरफ से एक और दुखद खबर आ रही है, जाने-माने एक्टर अरुण बाली का 79 साल की उम्र में निधन हो गया है। मायस्थीनिया ग्रेविस से ग्रसित थे अरुण बाली।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : October 7, 2022 10:27 AM IST

Arun bali news: कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की मौत के बाद अब बॉलीवुड से एक और दुखद खबर सामने आ रही है। हिन्दी फिल्मों के जाने-माने एक्टर अरुण बाली का 79 साल की उम्र में निधन हो गया है। खबर है कि उन्हें आज (7 अक्टूबर) सुबह 4:30 बजे के आसपास अपनी अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि दिग्गज एक्टर अरुण बाली काफी दिन से बीमार चल रहे थे और उन्हें मायस्थीनिया ग्रेविस नाम की एक ऑटोइम्यून बीमारी थी। केदारनाथ खलनायक और थ्री ईडियट्स जैसी बड़ी फिल्मों में काम कर चुके एक्टर अरुण बाली पिछले कुछ महीनों से बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे। (actor arun bali death)

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क्या है मायस्थीनिया ग्रेविस

जैसा कि आपको ऊपर बताया है कि यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसका मतलब उन बीमारियों से है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में किसी प्रकार की गड़बड़ हो जाती है। ऐसे में प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को ही नुकसान पहुंचाने लग जाती है। मायस्थीनिया ग्रेविस में तंत्रिकाओं और मांसपेशियों के बीच का संपर्क प्रभावित हो जाता है और इस कारण से मांसपेशियों में अनियंत्रित गतिविधियां होने लगती है और कमजोरी आ जाती है। यह एक स्व-प्रतिरक्षित रोग (Autoimmune disease) है, जिसके सटीक कारण का अभी तक पता नहीं लग पाया है।

मायस्थीनिया ग्रेविस के लक्षण

मायस्थीनिया ग्रेविस के लक्षण रोग की गंभीरता और बीमारी से शरीर का कौन सा भाग ज्यादा प्रभावित हुआ है, आदि के आधार पर ज्यादा होते हैं। हालांकि, इससे कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं जैसे -

  • आंख की मांसपेशियां कमजोर होना (ऑक्यूलर मायस्थीनिया)
  • एक या दोनों पलकें लटक जाना
  • धुंधला दिखना
  • दोहरी दृष्टि (हर चीज दो दिखना)
  • सांस न लेने पाना
  • ठीक से निगल न पाना
  • ठीक से बोल न पाना

क्या है मायस्थीनिया ग्रेविस का इलाज

मायस्थीनिया ग्रेविस को इलाज की मदद से पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, हालांकि, इसके लिए उपलब्ध ट्रीटमेंट की मदद से लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। मायस्थीनिया के लिए उपलब्ध इलाज की मदद से इस रोग से हो रही जटिलताओं को कम किया जा सकता है, जिससे इस से ग्रस्त व्यक्ति का जीवन थोड़ा आसान हो जाता है।