
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 16, 2020 7:08 PM IST
कोविड-19 इंफेक्शन से अस्पताल जाने का कितना है रिस्क, अब ब्लड टेस्ट से लग जाएगा पता
Blood Test for Covid-19 infection: कोरोना वायरस महामारी को कंट्रोल करने के लिए इसकी टेस्टिंग पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही दिन-ब-दिन इसकी टेस्टिंग के तरीकों को भी उन्नत बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी दिशा में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अब एक साधारण से ब्लड टेस्ट से भी यह पता लगाया जा सकेगा कि, किसी को कोविड-19 इंफेक्शन का रिस्क कितना है। शोधकर्ताओं ने एक विशेष आणविक हस्ताक्षर की पहचान की है, जिससे, कोविड-19 संक्रमित लोगों के अस्पताल जाने की संभावना 5-10 गुना तक बढ़ सकती है। इसका अर्थ है कि ये इंफेक्शन को गंभीर बना सकता है। (Blood Test for Covid-19 infection)
ब्लड टेस्ट की मदद से कोविड-19 की गम्भीरता का पता लगाने का यह दावा कि है, फिनलैंड में बायोटेक्नोलॉजी कम्पनी, नाइटेंगल हेल्थ के शोधकर्ताओं ने। उनका कहना है कि,इस टेस्टिंग की मदद ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए की जाएगी। जिन्हें इंफेक्शन का खतरा सबसे अधिक है और जिन्हें वैक्सीन लगाने की ज़रूरत सबसे अधिक होगी। इस टेस्टिंग के परिणामों के आधार पर हाई रिस्क ग्रुप्स को वैक्सीन सबसे पहले उपलब्ध करायी जा सकेगी। (Blood Test for Covid-19 infection)
रिसर्चर्स के अनुसार, हेल्दी दिखने वाले कई लोगों में भी कोविड-19 इंफेक्शन का खतरा काफी अधिक है। ऐसे लोगों की पहचान करना ज़रूरी है ताकि, इन्हें संक्रमित होने से बचाया जा सके। वैज्ञानिकों ने यह पता लगाने की कोशिश कि, किन कोविड-19 और निमोनिया जैसी बीमारियों की वजह से लोगों को अस्पताल में भर्ती होने का रिस्क कितना अधिक है।
वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च के लिए एक लाख ब्लड सैम्पल्स लिए और उनकी जांच की। रक्त के इन सैम्पल्स में से उन विशेष अणि संकेतक की पहचान करने की कोशिश की। जो यह दर्शाते हैं कि किन लोगों को कोविड-19 इंफेक्शन का खतरा ज़्यादा है। साइंटिस्ट ने बताया कि, जिन लोगों के ब्लड में इस प्रकार के अणु संकेतक पाए गए हैं। उन्हें, हॉस्पिटलाज्ड होने की संभावना 5 से 10 गुना अधिक हो सकता है।
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