सोते समय आसामान्य हुआ ब्लड प्रेशर तो कभी भी आ सकता है स्ट्रोक, इस तरह रखें अपना बीपी नॉर्मल

हाल ही में हुई एक स्टडी में कहा गया है कि सोते वक्त जो लोग हाई ब्लड प्रेशर का अनुभव करते हैं उन्हें भविष्य में दिल से जुड़ी बीमारियां खासकर कि हार्ट फेलियर का खतरा ज्यादा रहता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि ऐसे लोगों का ब्ल्ड प्रेशर दिन के समय में नॉर्मल हो लेकिन रात के वक्त हाई हो जाए तो भविष्य में हृदय संबंधी रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : November 3, 2020 12:46 PM IST

ब्लड प्रेशर का सामान्य होना बहुत जरूरी है। अगर ऐसा न हो तो व्यक्ति कई गंभीर रोगों का शिकार हो सकता है। ऐसा हम नहीं बल्कि एक्सपर्ट्स का कहना है। हाल ही में हुई एक स्टडी में कहा गया है कि सोते वक्त जो लोग हाई ब्लड प्रेशर का अनुभव करते हैं उन्हें भविष्य में दिल से जुड़ी बीमारियां खासकर कि हार्ट फेलियर का खतरा ज्यादा रहता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि ऐसे लोगों का ब्ल्ड प्रेशर दिन के समय में नॉर्मल हो लेकिन रात के वक्त हाई हो जाए तो भविष्य में हृदय संबंधी रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

जापान में जिची मेडिकल यूनिवर्सिटी के अध्ययन लेखक काजुओमी करियो का कहना है कि रात के रक्तचाप का बढ़ना भविष्य में हृदय जोखिम के खतरे की ओर इशारा करता है। जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित यह अध्ययन, रात में रक्तचाप से जुड़े हृदय जोखिम के बारे में विस्तार से जानकारी देता है। शोधकर्ताओं ने 2009 और 2017 के बीच जापान से 6,359 रोगियों को लिया और एम्बुलेंट मॉनिटर का उपयोग का प्रयोग कर उनके दिन और रात के ब्लड प्रेशर को मापा। इस रिसर्च में शामिल हुए 6,359 रोगियों में ज्यादातर पुरुष और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग शामिल थे। शोधकर्ता कहते हैं कि सभी रोगियों में कम से कम एक हृदय जोखिम कारक था, और उनमें से तीन-चौथाई रक्तचाप की दवाएं ले रहे थे और अध्ययन शुरू होने पर किसी को रोगसूचक हृदय रोग नहीं था।

कितना होता है नॉर्मल बीपी?

जब ब्लड प्रेशर 90/60mmHg और 120/80mmHg के बीच होता है तो इसे सामान्य माना जाता है। लेकिन जब बीपी 140 / 90mmHg या इससे अधिक होता है तो आपका ब्लड प्रेशर हाई होता है और 90/60mmHg या इससे कम होता है तो आपका बीपी लो है।

ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखने के तरीके

1. प्याज ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने का एक कारगर उपाय है। प्रतिदिन कच्चे प्याज का सेवन करने से बीपी तो सामान्य होता ही है साथ ही सेहत को और भी कई लाभ मिलते हैं। शोधों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्याज में क्वेरसेटिन रसायन पाया जाता है जो कि एक एंटीओक्सिडेंट फ़्लेवेनोल है जो कि हृदय रोगों के नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

2. रोज 30-40 मिनट के लिए लो इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करें। हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए रनिंग, जॉगिंग और योग काफी प्रभावी हो सकता है।

3. वजन को सामान्य रखकर भी हाई ब्लड प्रेशर से बचा जा सकता है। क्योंकि हमारा वजन सीधे हमारे संचार प्रणाली को प्रभावित करता है, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, यदि आप अधिक वजन वाले हैं तो कुछ किलो वजन कम करने की कोशिश करें।

4. लेंडी पीपर के फल और अश्वगंधा की जड़ों का चूर्ण दिन में एक बार प्रात: गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से रक्तचाप नियंत्रित होता है, साधारणत: आदिवासी हर्बल जानकार निम्न रक्तचाप के रोगियों को इस फार्मुले के सेवन की सलाह देते है।

5. जब शरीर में सोडियम की मात्रा कम हो जाती है तो व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लो हो जाता है जबकि यदि सोडियम की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। इसलिए हृदय रोग के खतरे को कम करने के लिए अपने सोडियम के सेवन पर कड़ी निगरानी रखें। अधिक मात्रा में सोडियम का सेवन करने से बहुत परेशानी हो सकती है।

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