गर्भवती को हुआ चिकनगुनिया और डिलीवरी के 15 दिन बाद बच्ची को हुई ब्लैक नोज डिजीज, जानिए क्या है ये बीमारी

What is ‘black-nose’ disease :  चिकनगुनिया होने के बाद एक दुर्लभ लक्षण सामने आया है, जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले को विस्तार से-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : September 23, 2024 5:19 PM IST

What is ‘black-nose’ disease : बरसात और बदलते मौसम में चिकनगुनिया होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। इसके साथ ही कई अन्य मच्छरों से होने वाले वायरल संक्रमण का खतरा रहता है। चिकनगुनिया होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण ( Chikungunya Symptoms in hindi ) दिखते हैं, जिसमें जोड़ों में दर्द, स्किन पर दानें होना जैसे लक्षण शामिल हैं। लेकिन हाल ही में चिकनगुनिया का एक नया लक्षण सामने आया है, जो काफी लोगों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है। इस लक्षण में काली नाक की बीमारी (Black Nose Disease) है। इस तरह के लक्षणों से लोगों में चिंता बनी हुई है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, एक बच्चे में इस स्थिति को डायग्नोज किया गया था, जिसे चिकनगुनिया के बाद का हाइपरपिग्मेंटेशन माना जाता है, जिसे चिक साइन भी कहा जाता है।

क्या है मामला?

चेन्नई की एक महीने की बच्ची को नाक पर काले धब्बे होने के बाद स्किन स्पेशलिस्ट के  पास लाया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, उसकी मां को जन्म देने से एक सप्ताह पहले चिकनगुनिया का पता चला था। मां को लगभग 5-6 दिनों तक बुखार और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण थे, जिसके बाद ब्लड टेस्ट से चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। जन्म के बाद, 15 दिन की उम्र में बच्ची को भी बुखार हो गया, जिसके बाद उसके माता-पिता को उनकी नाक पर काले धब्बे दिखे।

बच्ची में दिखा चिकनगुनिया का ये रेयर लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार, यह रेयर स्किन डिजीज संभव: मां के चिकनगुनिया संक्रमण के कारण हुआ है। हालांकि, डॉक्टर्स ने कहा कि यह बच्ची इस लक्षण के अलावा पूरी तरह से स्वस्थ है और मां के संकोच की वजह से बच्ची का किसी तरह का ब्लड टेस्ट नहीं किया गया है।

चिकनगुनिया में ब्लैक पिग्मेंटेशन क्यों दिखाई देता है?

विशेषज्ञों का कहना है कि नाक पर रंग आमतौर पर तेज बुखार शुरू होने के कुछ सप्ताह बाद विकसित होता है, मुख्य रूप से जब व्यक्ति का बुखार और दाने कम होने लगते हैं, तो पिग्मेंटेशन जैसा दिखता है।

कुछ मामलों में प्रारंभिक संक्रमण के बाद छह महीने तक इस तरह का रंग बना रह सकता है और समय के साथ अपने आप ठीक हो जाता है। इसके लिए अक्सर केवल सामान्य बचाव जैसे- सूर्य की रोशनी से दूर रहें, कुछ घरेलू नुस्खों, इत्यादि को आजमाने की जरूरत होती है।

डॉक्टर्स का कहना है कि चिक संकेत का सटीक कारण अभी तक पूरी तरह से समझा नहीं गया है। हालांकि, ऐसा माना जाता है कि पिग्मेंटेशन चिकनगुनिया वायरस द्वारा ट्रिगर किए गए पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन का परिणाम हो सकता है।

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