Black Fungus in Children: छोटे बच्‍चों में काफी अलग दिख रहे हैं ब्‍लैक फंगस के लक्षण, कर्नाटक में 2 बच्‍चों की हालत है गंभीर

छोटे बच्चों में भी ब्लैक फंगस (Black fungus in children) के मामले दिखने लगे हैं। हाल ही में कर्नाटक में 2 बच्चों में म्यूकरमायोसिस (Mucormycosis) पाया गया है। आइए जानते हैं बच्चों में ब्लैक फंगस के लक्षण और बचाव के तरीके

WrittenBy

Written By: Rashmi Upadhyay | Published : June 2, 2021 1:12 PM IST

देश में कोरोनावायरस के बाद ब्‍लैक फंगस (Black Fungus) की लहर आ चुकी है। अभी कुछ दिन पहले तक म्यूकरमायोसिस (Mucormycosis) यानि कि ब्‍लैक फंगस के एकआध केस ही आ रहे थे। लेकिन हाल ही लोग बड़ी संख्‍या में इस फंगल इंफेकशन की चपेट में आ रहे हैं। कोरोनावायरस की तरह ही ब्‍लैक फंगस के केस बच्‍चों (Black Fungus in Children) में भी देखे जा रहे हैं। देश में बच्‍चों में ब्‍लैक फंगस का सबसे पहला केस गुजरात से आया था, जहां एक 13 साल के बच्‍चे में ब्‍लैक फंगस पाया गया था। लेकिन हाल ही कर्नाटक में 2 बच्‍चों को ब्‍लैक फंगस हुआ है और उनकी हालत काफी गंभीर है। आज हम आपको बच्‍चों में ब्‍लैक फंगस के लक्षण और इससे बचने के उपाय बता रहे हैं।

कर्नाटक में 2 बच्‍चों को हुआ ब्‍लैक फंगस (Black fungus in 2 children in Karnataka)

कर्नाटक के जिन दो बच्‍चों में ब्‍लैक फंगस की पुष्टि हुई है उनमें से एक 11 साल की लड़की है जो बेल्‍लारी जिले (Ballari district) की रहने वाली है। जबकि दूसरे बच्‍चे की उम्र 14 साल है, जिसका घर चित्रदुर्ग जिले (Chitradurga district) में है। कनार्टक के ये दो पहले केस हैं जब बच्‍चों में ब्‍लैक फंगस मिला है। दोनों बच्‍चे बोरिंग एंड लेडी कर्जन अस्‍पताल (Bowring and Lady Curzon Hospital) में भर्ती हैं और इनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्‍पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों ही बच्‍चे कोविड के संपर्क में आए थे और इन्‍हें जुवेनाइल डायबिटीज (Acute juvenile diabetes) भी है। अस्‍पताल के सीनियर डॉक्‍टर का कहना है 'जो दो बच्‍चे ब्‍लैक फंगस की चपेट में आए हैं उन्‍हें जुवेनाइल डायबिटीज है। बच्‍चों का इलाज चल रहा है।'

बच्‍चों में ब्‍लैक फंगस के लक्षण (Black Fungus Symptoms in Children in hindi)

  • चेहरे के सिर्फ एक हिस्‍से में सूजन आना
  • सिर में तेज दर्द या माथे में सूजन दिखाई देना
  • नाक के आसपास कालापन आना
  • आंखों की रोशनी कम होना या पूरी तरह से आंखों की रोशनी चले जाना
  • रेस्पिरेटरी संबंधी दिक्‍कतें होना जैसे कि छाती में दर्द, खांसी और सांस लेने में दिक्‍कत

बच्‍चों को ऐसे बचाएं ब्‍लैक फंगस से (How to protect children from black fungus in hindi)

  • बच्‍चों को प्‍यार से और फ्रेंडली तरीके से कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो करने के लिए कहें और समझाएं कि बिना जरूरत किसी चीज को न छूएं।
  • बच्‍चों को घर में रहने के लिए प्रोत्‍साहित करें। इसके लिए आप उनके साथ गेम खेलें, उन्‍हें कोई कहानी सुनाएं या अपनी लाइफ से रिलेटिड कोई फनी मोमेंट बताएं। इससे बच्‍चा भूल जाएगा कि उसे बाहर भी जाना है।
  • अपने घर में बाहर के लोगों को कम से कम आने दें। अगर घर में कोई आता है तो बच्‍चों को उनसे दूर रखने की कोशिश करें।
  • बच्‍चों को किसी भी कीमत पर बाहर खेलने के लिए न जाने दें।
  • अगर आप बच्‍चे के साथ बाहर जाते हैं तो उन्‍हें अच्‍छी तरह से मास्‍क, जूते और फुल बाजू के सूती कपड़े पहनाएं।
  • बच्‍चों को गीला न रहने दें। नहाने के बाद उन्‍हें अच्‍छी तरह पोछें और फिर कपड़े पहनाएं।
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.