
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : June 2, 2021 1:12 PM IST
Image credits by: अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों ही बच्चे कोविड के संपर्क में आए थे
देश में कोरोनावायरस के बाद ब्लैक फंगस (Black Fungus) की लहर आ चुकी है। अभी कुछ दिन पहले तक म्यूकरमायोसिस (Mucormycosis) यानि कि ब्लैक फंगस के एकआध केस ही आ रहे थे। लेकिन हाल ही लोग बड़ी संख्या में इस फंगल इंफेकशन की चपेट में आ रहे हैं। कोरोनावायरस की तरह ही ब्लैक फंगस के केस बच्चों (Black Fungus in Children) में भी देखे जा रहे हैं। देश में बच्चों में ब्लैक फंगस का सबसे पहला केस गुजरात से आया था, जहां एक 13 साल के बच्चे में ब्लैक फंगस पाया गया था। लेकिन हाल ही कर्नाटक में 2 बच्चों को ब्लैक फंगस हुआ है और उनकी हालत काफी गंभीर है। आज हम आपको बच्चों में ब्लैक फंगस के लक्षण और इससे बचने के उपाय बता रहे हैं।
कर्नाटक के जिन दो बच्चों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है उनमें से एक 11 साल की लड़की है जो बेल्लारी जिले (Ballari district) की रहने वाली है। जबकि दूसरे बच्चे की उम्र 14 साल है, जिसका घर चित्रदुर्ग जिले (Chitradurga district) में है। कनार्टक के ये दो पहले केस हैं जब बच्चों में ब्लैक फंगस मिला है। दोनों बच्चे बोरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल (Bowring and Lady Curzon Hospital) में भर्ती हैं और इनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों ही बच्चे कोविड के संपर्क में आए थे और इन्हें जुवेनाइल डायबिटीज (Acute juvenile diabetes) भी है। अस्पताल के सीनियर डॉक्टर का कहना है 'जो दो बच्चे ब्लैक फंगस की चपेट में आए हैं उन्हें जुवेनाइल डायबिटीज है। बच्चों का इलाज चल रहा है।'
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