
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : June 23, 2021 10:57 AM IST
ब्लैक फंगस म्यूकोर्मिसेट्स नामक मोल्डों के एक ग्रुप के कारण होता है जो पूरे वातावरण में रहते हैं।
वैसे तो ब्लैक फंगस रेयर इंफेक्शन है लेकिन बहुत खतरनाक भी है। कोरोना के मामले तो देश में कम हो रहे हैं लेकिन ब्लैक फंगस से संक्रमित होने वाले मरीजों के ग्राफ में कोई गिरावट नहीं आ रही है। भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस के केस काफी दिख रहे हैं। भले ही आपके घर के आसपास अभी तक कोई ब्लैक फंगस का केस न आया हो, लेकिन देशभर में ब्लैक फंगस यानि कि म्यूकरमायोसिस के केस बढ़ रहे हैं। भारत में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा केस आंध्र प्रदेश से आ रहे हैं। राज्य में अब तक म्यूकरमायोसिस के 2,772 केस आ चुके हैं, जिसमें से 922 लोगों को सर्जरी करानी पड़ी।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक तीन सप्ताह में संक्रमण 30,000 से अधिक हो गया है और 2,100 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्लैक फंगस के केस ज्यादातर उन्हीं लोगों में दिख रहे हैं जो कोरोना से संक्रमित हैं या हाल ही में रिकवर हुए हैं। ब्लैक फंगस की चपेट में आने से बचने के लिए जल्द से जल्द से वैक्सीन लगानी चाहिए। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, ब्लैक फंगस म्यूकोर्मिसेट्स नामक मोल्डों के एक ग्रुप के कारण होता है जो पूरे वातावरण में रहते हैं। ये आमतौर पर स्वस्थ लोगों को प्रभावित नहीं करते हैं। लेकिन जो बीमार होते हैं या जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है वो इस संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। हालांकि अगर ब्लैक फंगस का इलाज समय पर हो जाए तो मरीज की जान बच सकती है।
जो लोग किसी बीमारी से ग्रस्त हैं या किसी चीज की दवा ले रहे हैं ऐसे लोगों की इम्युनिटी संक्रमण से लड़ नहीं पाती है। जिसके चलते ब्लैक फंगस सांस लेते वक्त हवा के द्वारा शरीर में घुसकर साइनस और फेफड़ों को संक्रमित कर देता है। डायबिटीज, कैंसर, किसी अंगर का ट्रांसप्लॉन्ट, स्टीम सेल ट्रांसप्लॉन्ट, लो व्हाइट ब्लड सेल्स, इंजेक्शन ड्रग का इस्तेमाल, बहुत अधिक मात्रा में आयरन लेना, स्किन की चोट और प्रिमेच्योर या जन्म के वक्त कम वजन के साथ पैदा होने वाले बच्चों को ब्लैक फंगस की चपेट में आने का ज्यादा खतरा रहता है। इसलिए जरूरी है कि ब्लैक फंगस के लक्षणों को समझकर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क किया जाए।
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