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Bird Flu: केंद्र ने राज्य सरकारों से कहा- "पूरी तरह सुरक्षित है पका हुआ चिकन-अंडा, बैन की जरूरत नहीं"
बर्ड फ्लू (Bird Flu) के चलते कुछ राज्य सरकारों ने यह कहते हुए चिकन और अंडों (Chicken and Eggs) के सेवन पर रोक लगा दी कि पोल्ट्री उत्पादों के सेवन से इंसान भी वायरस (Influenza Virus)से संक्रमित हो सकते हैं। जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि चिकन और अंडों को अगर सही तरह से पकाया जाए तो इनका सेवन सुरक्षित है। ऐसे में केंद्र ने एक बार फिर से राज्य सरकारों को इस बारे में सोचने को कहा है और बैन पर पुन: विचार करने को कहा है। द मिनिस्ट्री ऑफ फिशरीज (the Ministry of Fisheries) और एनिमल हसबेंडरी एंड डेयरिंग (Animal Husbandry and Dairying) ने भी फिर से दोहराया है कि अच्छी तरह से पका हुआ चिकन और अंडों का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे इंसानों में वायरस फैलने की संभावना नहीं है। मंत्रालय का कहना है कि अफवाहों पर भरोसा न करें।
देश के प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी के लिए गठित केंद्रीय दल प्रभावित स्थलों का दौरा कर रहे हैं और महामारी विज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। विभाग की सलाह के बाद, राज्य समाचार पत्रों के विज्ञापनों, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों आदि के माध्यम से जागरूकता सृजन गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, इसके अलावा, एवियन इन्फ्लुएंजा के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए लगातार प्रयास ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों सहित मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से जनता के बीच साझा किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि बीते बुधवार को बर्ड फ्लू के कहर को देखते हुए राजधानी दिल्ली में चिकन, अंडे और पोल्ट्री मीट पर पूरी तरह से बैन लग गया था। दिल्ली के तीनों नगर निगमों (Delhi Municipal Corporations) ने अपने-अपने क्षेत्रों में चिकन की बिक्री पर प्रतिबंध (Chicken Banned In Delhi) लगा दिया है। इसके साथ ही होटल और रेस्तरां को अंडा आधारित व्यंजन या पोल्ट्री मांस परोसने के खिलाफ चेतावनी भी दे दी है। दिल्ली के अलावा भी कई राज्यों में पोल्ट्री उत्पादों पर बैन है।
बर्ड फ्लू के मामले सामने आते ही यह अफवाह उड़ी की चिकन, मटन या अंडा खाने से इंसानों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है। जबकि अधिकारियों ने पोल्ट्री उत्पादों का सेवन करने वालों के डर को दूर करते हुए कहा है कि यदि चिकन या अंडे को अच्छी तरह से पकाकर खाया जाए तो संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। क्योंकि यह वायरस उच्च तापमान में नहीं रह पाता है। साथ ही केंद्र सरकार का राज्यों से कहना है कि मंडी या पोल्ट्री उत्पादों को बैन करने का कोई फायदा नहीं है। क्योंकि वहां से संक्रमण फैलने की संभावना बहुत कम है। इसके साथ ही केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे पर्याप्त संचालन के लिए पीपीई किट और सहायक उपकरण का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें।