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Bird Flu: बर्ड फ्लू के कारण कई राज्य में जारी हुआ अलर्ट, जानें क्या हैं इसके लक्षण, इलाज और बचाव के तरीके

देशभर में कोरोना का प्रकोप जारी ही है कि अब एक नई बीमारी बर्ड फ्लू (Bird Flu) ने दतक दी दी है। पक्षियों में एच5एन1 (H5N1) वायरस के पाए जाने के कारण सैकड़ों पक्षियों की मौत हो चुकी हैं ​जिसके बाद से ही कई राज्य अलर्ट पर हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : January 5, 2021 1:29 PM IST

देशभर में कोरोना का प्रकोप जारी ही है कि अब एक नई बीमारी बर्ड फ्लू (Bird Flu) ने दस्तक दे दी है। पक्षियों में एच5एन1 (H5N1) वायरस के पाए जाने के कारण सैकड़ों पक्षियों की मौत हो चुकी हैं ​जिसके बाद से ही कई राज्य अलर्ट पर हैं। मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के बाद अब केरल में भी बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है, जिसके बाद से ही यहां की सरकारें अलर्ट पर हैं। भोपाल में परीक्षणों के लिए भेजे गए 8 नमूनों में से पांच में H5N8 रिपोर्ट पाई गई। यह वायरस जानलेवा है क्योंकि यह पक्षियों के बाद इंसानों को भी अपना शिकार बना सकता है। बता दें कि बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और इंसान भी इससे संक्रमित हो सकते हैं।

बर्ड फ्लू के लक्षण क्या हैं (Symptoms of Bird Flu)

  • कफ होना

    लगातार बुखार आना

    सांस लेने में दिक्कत

    मांसपेशियों में दर्द

    भूख न लगना

    हाथ पैरों में दर्द होना

    नाक बहना या जुकाम लगना

    घबराहट या बेचेनी होना

बर्ड फ्लू का इलाज क्या है?

इस बीमारी का इलाज अलग अलग तरीकों से किया जाता है। लेकिन डॉक्टर अक्सर इसके लिए एंटीवायरल दवा लेने की सलाह देते हैं। यह बीमारी जानलेवा न हो इसलिए बर्ड फ्लू के लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर मरीज और उसके संपर्क में आए लोगों को अपना इलाज शुरू कराना अनिवार्य होता है। हालांकि कई बार डॉक्टर इसके लिए वैक्सीन भी लगाते हैं।

बर्ड फ्लू से बचाव के तरीके

1. चिकन ने एकदम दूरी बना लें।

2. अपने आसपास सफाई पर खास ध्यान दें।

3. खुले बाजार में या लोगों के संपर्क में आने से बचें।

4. अगर आप चिकन खाना नहीं छोड़ सकते हैं तो अधपका चिकन बिल्कुल भी न खाएं।

5. समय समय पर हाथ धोते रहें और पानी पीएं।

अलर्ट पर है मध्‍य प्रदेश

राज्य के कई हिस्सों में कौओं की मौत हुई है, इसी के चलते सरकार ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में बीते 10 दिनों में बड़ी संख्या में कौओं की मौत हुई है। इंदौर में 142, मंदसौर में 100, आगर-मालवा में 112, खरगोन जिले में 13, सीहोर में 9 कौओं की मृत्यु हुई है। मृत कौओं के सैम्पल भोपाल स्थित स्टेट डी.आई. लैब तत्काल भेजे जा रहे हैं। इंदौर में कंट्रोल-रूम की स्थापना कर रेपिड रिस्पांस टीम द्वारा कार्यवाही की जा रही है।

पशुपालन मंत्री पटेल ने कहा कि कौवों में पाया जाने वाला वायरस एच5एन8 अभी तक मुर्गियों में नहीं मिला है। मुर्गियों में पाया जाने वाला वायरस सामान्यत एच5एन1 होता है। पटेल ने लोगों से अपील की है कि पक्षियों पर नजर रखें। यदि पक्षियों की आंख, गर्दन और सिर के आसपास सूजन है, आंखों से रिसाव हो रहा है, कलगी और टांगों में नीलापन आ रहा है, अचानक कमजोरी, पंख गिरना, पक्षियों की फुर्ती, आहार और अंडे देने में कमी दिखाई देने के साथ असामान्य मृत्यु दर बढ़े, तो सतर्क हो जायें।

राजस्थान में हुई 140 पक्षियों की मौत

राजस्थान में बर्ड फ्लू के प्रकोप की पुष्टि होने के बाद राज्य के छह जिलों में 140 और पक्षियों की मौत हो गई है। राज्य के एक अधिकारी ने ये जानकारी दी। इनमें से सवाई माधोपुर में 35, बीकानेर में 53, झालावाड़ में 22, बारा में 17, पाली में 9 और बांसवाड़ा में 7 कौवों की मौत शामिल है। पिछले एक हफ्ते में, राजस्थान में कुल 522 पक्षियों की मौत हुई है, जिनमें से 471 कौवे थे, और बाकी बगुला और बया वीभर शामिल हैं। फिलहाल एच5एन1 वायरस हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में पक्षियों में पता चला है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस कोविड-19 महामारी के बीच और घातक हो सकता है।