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Bird flu virus has been detected in dead crows in Madhya Pradesh and Rajasthan.
Bird Flu in India : भारत में एक बार फिर बर्ड फ्लू आने की आशंका उत्पन्न हो रही है। इस बीमारी के आगमन का अनुमान राजस्थान राज्य में आसमान से जमीन पर गिरते पक्षियों के कारण लगाया जा रहा है। आसमान से पक्षियों के गिरने के पीछे के कारणों का खुलासा करते हुए, गुरुवार को घोषणा की गयी कि, इन पक्षियों में एवियन फ्लू संक्रमण पाया गया है। राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र में मृतक अवस्था में पाए गए लगभग 100 कौवों के नमूनों में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होने के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके अलावा इन पक्षियों से जमा किए गए नमूनों को आगे की जांच के लिए भोपाल भेज दिया गया है। (Bird Flu In Rajasthan)
एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) एक वायरल बीमारी है, जो संक्रामक प्रकृति की होती है। इसका अर्थ है कि यह एक पक्षी से दूसरे पक्षियों या जानवरों तक फैल सकती है। इस संक्रामक बीमारी की वजह से हर साल दुनियाभर में कई पक्षियों की मृत्यु हो जाती है। वहीं इस बीमारी का प्रसार जानवरों से मनुष्यों में भी आसानी से हो सकता है। राजस्थान की घटना के बाद अब सभी राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों और अन्य वन क्षेत्रों में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज द्वारा कई नमूनों की जांच की गयी। जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद अब उक्त स्थानों पर विशेष एहतियात बरतने के आदेश दिए गए हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, झालावाड़ में स्थित एक स्थानीय मंदिर में 27 दिसंबर को लगभग 100 कौवे (Crows dying in Rajasthan) मृत पाए गए। यह शहर राज्य की राजधानी से 341 किलोमीटर दूर है। वन अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया, "उनके नमूनों में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि की गई।" झालावाड़ के जिला कलेक्टर नग्किया गोहेन ने तुरंत इस मंदिर के एक किलोमीटर के दायरे में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एवियन इन्फ्लूएंजा का कोई संक्रमण न फैल सके।
वन्यजीव वार्डन के प्रमुख मोहनलाल मीणा ने कहा, "हमने राज्य के सभी हिस्सों में अलर्ट जारी किया है और अगर कोई मृत पक्षी है तो तुरंत अधिकारियों को रिपोर्ट करने के निर्देश जारी किए हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हमें गुरुवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि की खबर मिली है और इसलिए हम अपने वन अधिकारियों को सलाह दे रहे हैं कि बिना किसी प्रकार की देरी के सभी एहतियाती उपाय करें।" उन्होंने कहा, "यदि कोई पक्षी मृत पाया जाता है, तो तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। एवियन इन्फ्लूएंजा काफी संक्रामक है, इसलिए इसे अन्य पक्षियों को फैलने से रोकने के लिए जल्द से जल्द पहचान करने की जरूरत है।"
(स्रोत--आईएएनएस, एमएनएस/एसजीके)