
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : January 11, 2021 1:10 PM IST
Bird Flu In Delhi : दिल्ली में अचानक तेजी से बढ़ने लगे बर्ड फ्लू के मामले, 8 नमूने निकले पॉजिटिव
बर्ड फ्लू के मामले अब देश के हर कोने से आने लगे हैं। बर्ड फ्लू से अछूती राजधानी (Bird Flu In Delhi) भी इसकी चपेट में आ गई है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, केरल, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद दिल्ली में भी कई मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। भोपाल के प्रयोगशाला में बर्ड फ्लू की जांच के लिए भेजे गए सभी 8 नमूने बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। इन 8 नमूनों में, 3 संजय झील से, 4 मामले मयूर विहार फेज 3 स्थित एक पार्क से और 1 द्वारका से पाया गया है।
दिल्ली के मयूर विहार, संजय लेक और द्वारका इलाके से आए पॉजिटिव मामलों को देखकर इस बात की पुष्टि हो गई है कि राजधानी में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। वहीं, दिल्ली पशुपालन विभाग ( Department of Animal Husbandry & Dairying) ने सोमवार को पुष्टि की कि भोपाल के प्रयोगशाला में बर्ड फ्लू की जांच के लिए भेजे गए सभी नमूने बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। विभाग के निदेशक राकेश सिंह ने आईएएनएस को बताया, "दिल्ली से भोपाल लैब भेजे गए नमूनों में बर्ड फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।"
नमूने पिछले सप्ताह भोपाल के उच्च सुरक्षा पशु रोग के राष्ट्रीय संस्थान में भेजे गए थे। बता दें कि दिल्ली के अलावा, केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पिछली सदी में दर्ज चार ज्ञात प्रमुख प्रकोपों के साथ सदियों से दुनिया भर में सर्कुलेट होता रहा है। भारत ने 2006 में अपने पहले प्रकोप की सूचना दी।
भारत में, यह बीमारी मुख्य रूप से प्रवासी पक्षियों द्वारा सर्दियों के महीनों के दौरान, सितंबर-अक्टूबर से फरवरी-मार्च तक फैलती है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों के साथ संवाद में पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव ने पशुपालन विभागों से अनुरोध किया गया है कि वे बीमारी की स्थिति पर करीबी नजर रखने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ प्रभावी संचार और समन्वय सुनिश्चित करें।
पशुपालन और डेयरी विभाग ने कहा कि जल निकायों के आसपास निगरानी बढ़ाने के अलावा, पक्षी बाजार, चिड़ियाघर, पोल्ट्री फार्म आदि, शवों का उचित निपटान और पोल्ट्री फार्मों में जैव सुरक्षा को मजबूत करना है।