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Written By: Jitendra Gupta | Published : December 10, 2021 11:22 AM IST
केरल में सामने आया बर्ड फ्लू का पहला मामला, एक्सपर्ट ने बताया इंसानों में फैलने का खतरा कम
केरल के अलपुझा में गुरुवार में बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया है, जिसकी पुष्टि राज्य के पुशपालन विभाग ने कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज को भेजे गए सैंपल में से कुछ में बर्ड फ्लू होने की बात सामने आई है। बर्ड फ्लू का साइंटिफिक नाम (H5N1 इंफ्लूएंजा) है, जो दुर्लभ मामलों में इंसानों में फैलता है। खबर के मुताबिक, पिछले सप्ताह जिले में बहुत सी बत्तख और स्थानीय मुर्गियों की अचानक मौत हो गई थी, जिसके बाद अधिकारियों ने तुरंत सैंपल को भोपाल लैब भेज दिया, जिसके बाद अब बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।
पशु विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में शुक्रवार से बत्तखों को मारने का काम शुरू किया जाएगा और किसानों को सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। पशुपालन मंत्री जे चिंचू रानी का कहना है कि सरकार ने जिला कलेक्टर को सभी जरूरी कदम उठाने को कहा है।
जिले में ढेर सारी जगह ऐसी हैं, जहां बड़ी संख्या में बत्तखें पाई जाती है और किसान भी यहां पर ढेर सारी बत्तखें पालते हैं, जिसके कारण बर्ड फ्लू बार-बारइस जिले को प्रभावित करता है। दूसरे देश से आने वाले पक्षी भी इस वायरस का वाहक हो सकते हैं। बात करें बत्तख पालन की तो अलपुझा और उसके पड़ोसी जिले कोट्टायम में ये एक महत्वपूर्ण व्यवसाय बना हुआ है और इसलिए यहां पक्षियों के अंडे और मांस की ज्यादा मांग रहती है। यही कारण है कि आमतौर पर यहां मुर्गी की तुलना में बत्तख का मांस ज्यादा मंहगा होता है।
एवियन फ्लू नाम से जानें जाना वाला बर्ड फ्लू आमतौर पर हवा में पैदा होना वाला वायरस है, जो एक प्रकार का इंफ्लूएंजा होता है। एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसा बहुत ही मुश्किल है कि ये इंसानों में भी फैले लेकिन अगर ऐसा होता है तो ये इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है। एक्सपर्ट का मानना है कि ये वायरस कई तरह के होते हैं और इनमें से H7N9 को सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के ढेर सारे प्रकार हैं और उनमें से कुछ ही मनुष्यों के लिए खतरनाक हैं।
बीते वर्ष भी जिले में बर्ड फ्लू फैलने की खबर सामने आई थी लेकिन यह सिर्फ एक विशेष स्थान तक ही सीमित था। वहीं 2016 में बर्ड फ्लू को फैलने से रोकने के लिए अलपुझा और पथानामिट्टा जिले में कम से कम 5 लाख मुर्गियों और बत्तखों को मार दिया गया था। बर्ड फ्लू, एक अत्यधिक संक्रामक रोग है, जिसे रोकने के लिए जिले के आसपास के सभी पक्षियों को मारना होता है।