
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : July 20, 2022 2:01 PM IST
कोरोना वायरस ने हर व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है, किसी को इससे शारीरिक समस्याएं हुई हैं तो कुछ लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है। हालांकि, कुछ लोग समझ रहे हैं कि यह सिर्फ एक फ्लू जैसी बीमारी है और खांसी-जुकाम के लक्षण होने के कुछ दिन बाद अपने आप ठीक हो जाती है। अगर आप भी ऐसा समझ रहे हैं, तो यह गलत है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई अध्ययन किए जा चुके हैं, जिनमें पाया गया है कि कोविड 19 संक्रमण सिर्फ श्वसन प्रणाली को ही नहीं बल्कि शरीर के अन्य अंगों को भी परेशान कर सकता है और कई अन्य बीमारियां भी पैदा कर सकती है। हाल ही में यूके में एक बड़ी स्टडी की गई जिसमें पाया गया कि कोविड 19 के बाद लोगों को टाइप 2 डायबिटीज और दिल संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। चलिए जानते हैं इस स्टडी के बारे में
यूके में की गई यह स्टडी काफी बड़ी थी, जिसमें लगभग लगभग 5 लाख लोगों पर रिसर्च की गई थी। ये सभी लोग कोविड 19 से संक्रमित हो गए थे और रिसर्च के दौरान इनके स्वास्थ्य पर लगातार 1 साल तक नजर रखी गई थी। इस स्टडी से मिले रिजल्ट के अनुसार इस शोध का हिस्सा बने कुछ लोगों में हृदय संबंधी समस्याएं, स्ट्रोक और डायबिटीज जैसे रोग देखे गए।
इस साल एक और बड़ी स्टडी को पब्लिश किया गया। जिसमें अमेरिका के वॉशिंगटन में कई गई इस स्टडी के दौरान कोविड 19 से संक्रमित हुए लगभग डेढ़ लाख लोगों के स्वास्थ्य को लगभग 12 महीनों तक ट्रैक किया गया। इस स्टडी में पाया गया कि कोविड 19 से स्वस्थ होने के बाद लोगों में हृदय संबंधी रोग होने का खतरा 55 प्रतिशत तक हो जाता है।
स्टडी में मिले आंकड़ों के अनुसार किसी व्यक्ति को कोविड 19 से रिकवर होने के 4 हफ्तों बाद तक डायबिटीज होने का खतरा 81 प्रतिशत तक हो जाता है। वहीं कोविड 19 से संक्रमित व्यक्ति के रिकवर होने के 3 महीने बाद तक उसे डायबिटीज होने का खतरा 27 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।