Covaxin Update: भारत बायोटेक ने कहा, कोवैक्सीन ब्रिटेन के नए कोरोना स्ट्रेन के खिलाफ कर रही है काम, टीकाकरण अभियान के लिए भेजी कोवैक्सीन की पहली खेप

covid vaccine covaxin: भारत बायोटेक के सीएमडी डॉ. कृष्णा एला ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "हमने 3-4 स्ट्रेन ले लिए हैं और इसका अध्ययन किया है। एक हफ्ते में हमारा कन्फर्म डेटा आ जाएगा।

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Written By: Anshumala | Published : January 4, 2021 9:16 PM IST

Covid Vaccine Covaxin in Hindi: हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने सोमवार को कहा कि इसका टीका (Covaxin) ब्रिटेन (यूके) में पाए गए नोवेल कोरोनोवायरस के उत्परिवर्ती स्ट्रेन के खिलाफ काम कर रही है। इसका डेटा एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक किया जाएगा। भारत बायोटेक के सीएमडी डॉ. कृष्णा एला ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "हमने 3-4 स्ट्रेन ले लिए हैं और इसका अध्ययन किया है। यह 10 जनवरी को म्रेडेविक्स पर पब्लिशिंग में आएगा। एक हफ्ते में हमारा कन्फर्म डेटा आ जाएगा।"

भारत बायोटेक द्वारा भारत के स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन (Covid Vaccine Covaxin) को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) - नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) के सहयोग से विकसित किया गया है। निष्क्रिय वैक्सीन भारत बायोटेक के बीएसएल-3 (बायो-सेफ्टी लेवल 3) जैव-रोकथाम सुविधा में विकसित और निर्मित है। भारत के ड्रग रेगुलेटर ने आपातकालीन स्थिति में कोवैक्सीन (covaxin update) के प्रतिबंधित उपयोग की अनुमति दी है।

टीकाकरण अभियान के लिए भेजी कोवैक्सीन की पहली खेप

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने अपने द्वारा विकसित कोरोनावायरस की वैक्सीन-कोवैक्सीन (Covaxin) की पहली खेप सरकार को भेज दी है, ताकि देश में आने वाले समय में चलाए जाने वाले टीकाकरण अभियान के लिए इनका वितरण किया जा सके। कंपनी के सीएमडी डॉ. कृष्णा एला ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम कसौली के केंद्रीय अनुसंधान संस्थान को एक खेप भेज चुके हैं।"

भारत बायोटेक भविष्य में कोवैक्सीन की 70 करोड़ खुराकों का करेगी उत्पादन

हालांकि, सरकार को यह कितनी मात्रा में भेजी गई है, इसके बारे में अभी कोई खुलासा नहीं किया गया है। सरकार ने वैक्सीन के वितरण के लिए इसकी कितनी खुराकें कंपनी से मंगाई है, एला ने इसके बारे में कुछ भी नहीं बताया। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑगेर्नाइजेशन (सीडीएससीओ) के तहत केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (सीआरआई) दवाओं के परीक्षण और देश के उत्तरी भाग में इसका प्रसार करने वाली एक नोडल एजेंसी है। एला ने यह भी कहा कि उनके पास अभी दो करोड़ खुराकें बनकर तैयार हैं और जुलाई तक उनके द्वारा आठ करोड़ खुराकों का निर्माण कर लिया जाएगा। कंपनी का मकसद दक्षिण भारत में बनाए जा रहे अपने चार और सुविधा केंद्रों के साथ भविष्य में कोवैक्सीन की 70 करोड़ खुराकों के उत्पादन की है।

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स्रोत: (IANS Hindi)

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