भारत की कोवैक्सीन को ऑस्ट्रेलियाई सरकार की मान्यता, वैक्सीन की कम्पलीट डोज लेने के बाद कर सकेंगे यात्रा

ऑस्ट्रेलिया द्वारा कोवैक्सीन को मंजूरी मिलने से इसका अंतरराष्ट्रीय छात्रों की वापसी और श्रमिकों की ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।

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Written By: Atul Modi | Updated : November 1, 2021 6:18 PM IST

ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने करीब 20 महीने बाद सोमवार को भारत से आने वाले यात्रियों के लिए यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी है। इसके साथ ही देश ने औपचारिक रूप से कोरोनावायरस के खिलाफ भारत की स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' को मंजूरी मिल गई है। अब वे भारतीय जिन्होंने कोरोना के खिलाफ 'कोवैक्सीन' का टीका लिया है वे भी बिना प्रतिबंध के ऑस्ट्रेलिया की यात्रा कर पाएंगे।

दरअसल, ऑस्ट्रेलिया सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा एक प्रेस रिलीज जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि, भारत बायोटेक, भारत द्वारा निर्मित कोवैक्सीन और BBIBP-CorV (Sinopharm, China द्वारा निर्मित) टीकों को किसी यात्री के टीकाकरण की स्थिति को प्रमाणित करने के उद्देश्य से 'मान्यता प्राप्त' होगी। कोवैक्सीन को लेकर दी गई यह मान्यता 12 वर्ष और उससे अधिक आयु की यात्रियों के लिए है, जिन्हें यह टीका लगाया गया है। जबकि 18 से 60 वर्ष की आयु वाले जिन्हें BBIBP-CorV का टीका लगाया गया है, वे ऑस्ट्रेलिया की यात्रा कर पाएंगे।

Covaxin को WHO की मंजूरी मिलनी बाकी

ऑस्ट्रेलियाई गवर्नमेंट द्वारा कोवैक्सीन को भले ही मान्यता मिल गई हो विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी का अभी इंतजार है। पिछले सप्ताह हुई डब्ल्यूएचओ की मीटिंग में कोवैक्सीन को मंजूरी मिलनी थी। मगर पर्याप्त आंकड़े ना होने की वजह से संस्था ने भारत बायोटेक को और आंकड़े मुहैया कराने का निर्देश देते हुए आगे की तारीख दे दी है। डब्ल्यूएचओ अगली बैठक अब 3 नवंबर को होगी, जिसमें वैक्सीन को मंजूरी मिलने को लेकर भारत काफी आशान्वित है। दरअसल, इसके लिए पीएम मोदी ने भी डब्ल्यूएचओ के अध्यक्ष से आग्रह किया है।
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