
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : September 25, 2020 9:57 AM IST
भारत में बन रही कोरोना वैक्सीन 'कोरोफ्लू' को मिला वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी का साथ, बिना इंजेक्शन के दी जाएगी ये देसी वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन को लेकर हमारे देश से एक अच्छी खबर है। भारत बायोटेक कंपनी ने देसी वैक्सीन 'कोरोफ्लू' को लेकर बीते बुधवार को वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के साथ डील कर ली है। ये एक नेसल वैक्सीन है। यानि कि अन्य वैक्सीन की तरह इसे बॉडी में इंजेक्ट नहीं किया जाएगा और न ही पोलिया की तरह ड्रॉप्स दी जाएगी। कोविड-19 वायरस को मारने के लिए इस वैक्सीन को किसी और तरीके से प्रयोग में लाया जाएगा। दरअसल, कोरोफ्लू वैक्सीन को बॉडी के किसी अन्य हिस्से में इंजेक्ट करने के बजाय नाक के द्वारा दिया जाएगा। इस वैक्सीन का लक्ष्य है कि इसे सीधे नाक से डाला जाए जिससे ये तुरंत रेसपिरेट्री पाथ तक पहुंचकर वायरस को कमजोर कर सके। इस वैक्सीन को मरीज के शरीर में या तो नेसल स्प्रे के माध्यम ये डाला जाएगा और या फिर एरोसोल डिलीवरी के द्वारा।
जैसा कि वायरस आमतौर पर आपके शरीर में नाक के माध्यम से प्रवेश करता है, ऐसे में नेसल स्प्रे आपके इम्युन सिस्टम को रक्त में और आपकी नाक में प्रोटीन बनाने में मदद करता है जो वायरस से लड़ने काफी मददगार साबित होगा। जब कोई मरीज इस वैक्सीन को लेगा तो डॉक्टर एक छोटे सिरिंज की मदद से इसे आपकी नासिका में डालेंगे लेकिन इस दौरान सूई का इस्तेमाल नहीं होगा।
अन्य रोगाणुओं की तरह ही कोरोनोवायरस भी म्यूकोसा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं- गीले, स्क्विशी ऊतक जो नाक, मुंह, फेफड़े और पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं। इंट्रामस्क्युलर वैक्सीन आमतौर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है। इस श्लैष्मिक प्रतिक्रिया को दूर करना चाहिए और इसके बजाय संक्रमण के स्थान पर शरीर में घूमने वाली प्रतिरक्षा कोशिकाओं पर निर्भर होना चाहिए।
इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉ. कृष्णा एला ने बताया कि यदि सब कुछ सही रहा तेा इस वैक्सीन की करीब 100 करोड़ डोज बनाई जाएगी। इसका मकसद ये है कि एक ही समय पर लगभग सभी लोगों को इस महामारी से बचाया जा सके। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें सूई का प्रयोग नहीं हो रहा है इसलिए यह लोगों को सस्ती दरों पर मिल जाएगी। चूहों पर किए गए अध्ययन में इस वैक्सीन ने बेहतरीन परिणाम दिखाए हैं। ऐसे में उम्मीद की जारी है कि मानव शरीर में भी वैक्सीन जबरदस्त प्रदर्शन करेगी।