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एक्सपर्ट ने बताई अच्छे मास्क की 4 क्वॉलिटी
कोरोनावायरस महामारी से बचने का सबसे आसान और प्रभाव विकल्प मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोना है। दुनियाभर के तमाम डॉक्टर्स मास्क पहनकर कोरोना संक्रमण से काफी हद तक बचने का दावा कर चुके हैं। क्योंकि मास्क पहनने से मुंह और नाक पूरी तरह से बंद रहते हैं जिससे वायरस शरीर में नहीं घुस पाता है। COVID-19 महामारी की शुरुआत के बाद से ही संयुक्त राज्य अमेरिका में स्वास्थ्य एजेंसियों ने कोरोनावायरस को कंट्रोल करने के लिए हर कीमत पर मास्क पहनने की सिफारिश है। मास्क पहनने से कोरोना के संक्रमण को काफी हद तक रोका जा सकता है। AIP पब्लिशिंग के वैज्ञानिक जर्नल फिजिक्स ऑफ फ्लूड्स में प्रकाशित एक नए अध्ययन में इस बात पर रोशनी डाली गई है कि किस तरह का फेस मास्क कोरोना से लड़ने में प्रभावी है।
"अब सभी प्रमुख स्वास्थ्य एजेंसियों ने आम जनता के लिए कुछ विशेष प्रकार के फेस मास्क का उपयोग करने के लिए निर्देश देने शुरू कर दिए हैं। लेकिन मास्क की क्वॉलिटी, डिजाइन और गुणवत्ता किस लेवल की होनी चाहिए इस पर अभी एकमत हासिल नहीं हुआ है।" यह कहना है स्टडी के मुख्य लेखक, पीएडी सिद्धार्थ वर्मा का, जो फ्लोरिडा अटलांटिक विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में महासागर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य करते हैं। एक्सपर्ट ने मास्क के बीच के अंतर को बताते हुए कुछ गाइडलाइंस दी हैं, जो निम्न प्रकार से हैं—
1. नए शोध से पता चलता है कि सबसे प्रभावी होममेड फेस मास्क वे हैं जो कसकर बुने हुए कपड़े से बने होते हैं और किनारों से पूरी तरह से बंद हो। के साथ एक अच्छी सील प्रदान करते हैं।
2. कोरोना से बचने के लिए जो लोग मास्क के रूप में बैन्डाना का इस्तेमाल करते हैं वह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।
3. N95 मास्क को ठीक से पहनने की आवश्यकता है और इस मास्क को उन लोगों को पहनना चाहिए जिनको इसकी वाकई में आवश्यकता है।
4. सर्जिकल फेस मास्क भी सुरक्षा की दृष्टि से बेस्ट हैं। यह उन लोगों के लिए प्रभावी विकल्प है जहां ये आसानी से उपलब्ध हैं।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए एन 95 मास्क और सर्जिकल मास्क की मार्केट में कमी को देखते हुए कपड़ों के मास्क तैयार किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा घरों में मास्क तैयार करने और इसकी किस तरह से सफाई करें, इसे लेकर समय-समय पर दिशा निर्देश जारी करते रहते हैं। घर में तैयार हो रहे मास्क को लेकर एक नई स्टडी सामने आई है। इस स्टडी के मुताबिक, कपड़ों से तैयार मास्क के इस्तेमाल से भी कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। इस स्टडी में अमेरिका के शिकागो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता भी शामिल हुए थे। इस अध्ययन को एसीएस नैनो जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इसमें मास्क का आकार कैसा होना चाहिए, इसके बारे में भी बताया गया है।
इस स्टडी के अनुसार, सूती कपड़ा और प्राकृतिक सिल्क को मिक्स करके सुरक्षित मास्क तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा शिफॉन और सूती कपड़े को भी मिलाकर मास्क तैयार कर सकते हैं। ऐसे मास्क हवा में मौजूद कणों के अलावा ड्रॉपलेट्स यानी तरल कणों को भी रोका जा सकता है। हालांकि, ऐसे मास्क का आकार सही होना चाहिए।