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यूनीसेफ की मदद से बुनियादी सुविधाओं और प्रशिक्षण की कमी को किया गया दूर। © Shutterstock
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कुलपी ब्लॉक ने अत्याधुनिक सुविधाओं द्वारा 99 फीसदी संस्थागत शिशु प्रसव दर हासिल कर ली है। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी। डायमंड हार्बर स्वास्थ्य जिले के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी त्रिदिब दास ने कहा, "भारत सरकार की स्वास्थ्य प्रबंधन रिपोर्ट के मुताबिक, हमने 2017-18 में 99 फीसदी संस्थागत प्रसव दर हासिल की है।"
ऐसे जीता लोगों का विश्वास
इस प्रयास के बारे में विस्तार से बताते हुए कुलपी ग्रामीण अस्पताल के स्वास्थ्य, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी ए.एस. मोहम्मद महफूज उल करीम ने कहा, "हमें ग्रामीण समुदाय के लोगों और महिलाओं का विश्वास जीतना था, जो कि घरों में अपने बच्चों को जन्म देने में सहज महसूस करती थीं। सरकार और यूनीसेफ की मदद के साथ हमने बुनियादी सुविधाओं की कमी, प्रशिक्षिण की कमी और महिलाओं की सुरक्षा जैसी समस्याओं को हल किया व आशा कार्यकर्ताओं की मदद से जागरूकता फैलाई।"
न करना पड़े कोई समझाैैैता
कुलपी कोलकाता से 62 किलोमीटर दूर है। करीम के मुताबिक, एक ग्रामीण अस्पताल का बेहतर माहौल लोगों का विश्वास जीतने में जादुई काम कर सकता है। लिहाजा, बदले हुए प्रसव कक्षों, प्रसव के बाद वाले वाडरें ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
करीम ने पत्रकारों के एक समूह को बताया, "हमने सुनिश्चित किया कि एक सरकारी अस्पताल होने के कारण यहां एक मरीज को फर्श पर नहीं लेटना पड़े और स्वच्छता को नजरअंदाज न किया जाए।"
आनंदी की शुरुआत
दक्षिण 24 परगना में संस्थागत प्रसव और रूटीन बचाव के उपायों को बढ़ावा देने वाली एक पहल 'आनंदी' की शुरुआत 20 अगस्त 2015 को हुई थी। यूनीसेफ ने परियोजना के लिए अवधारणा, योजना, समर्थन, निगरानी, सहायक पर्यवेक्षण में तकनीकी सहायता और समग्र मार्गदर्शन मुहैया कराया था। पूरे दक्षिण 24 परगना जिले में संस्थागत प्रसव दर में 20 फीसदी से ज्यादा का सुधार देखा गया। यहां 2014-15 में यह दर 65 फीसदी थी, जो 2017-18 में 90 फीसदी से ज्यादा दर्ज की गई। कुलपी उन ब्लॉकों में से एक है, जहां बीएमओएच, चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्स और अन्य की सक्रिय भागीदारी से उल्लेखनीय सुधार देखा गया।