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पेरासिटामोल की ओवरडोज से डैमेज हुआ बच्‍चे का लिवर, पेरासिटामोल देने से पहले इन बातों का रखें ध्‍यान

साधारण बुखार में बच्‍चों की दी जाने वाली पेरासिटामोल की ओवरडोज के कारण वियतनाम में एक दो वर्षीय बच्‍चे की जान पर बन आई है, उसे अब लिवर ट्रांसप्‍लांट के जरिए ही बचाया जा सकता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 22, 2019 2:22 PM IST

अमूमन घरों में बच्‍चों को बुखार होने पर पेरासिटामोल (Paracetamol overdose) दे दी जाती है। पर वियतनाम के फु थू टाउन में यही पेरासिटामोल एक बच्‍चे की जान जोखिम में ले आई। अस्पताल में भर्ती यह बच्‍चा अब जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। डॉक्‍टरों का कहना है कि बच्‍चे का लिवर डैमेज हो चुका है। जिसे अब लिवर ट्रांसप्‍लांट के जरिए ही बचाया जा सकता है।

क्‍या है पूरा मामला

वियतनाम के फू थू टाउन में इस दो वर्षीय बच्‍चे के माता-पिता ने जब बच्‍चे को तेज बुखार में देखा तो उसे पेरासिटामोल दे दी। जिसके बाद बच्‍चे की हालत बिगड़ने लगी। उसे जब अस्‍पताल लाया गया तब वह उनींदापन, 38 डिग्री के तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, उच्च हृदय गति और बढ़े हुए जिगर से पीड़ित था। बच्‍चे की बिगड़ी हुई हालत देखकर जब डॉक्‍टरों ने माता-पिता से पूरी जानकारी मांगी तब मालूम हुआ कि उन्‍होंने बच्‍चे का बुखार कम करने के लिए लगातार चार दिनों तक 500 मिलीग्राम पेरासिटामोल (Paracetamol overdose) की गोलियां दीं।

ओवरडोज है खतरनाक (Paracetamol overdose)

पेरासिटामोल की ओवरडोज (Paracetamol overdose) के कारण बच्‍चे में पेरासिटामोल पॉयजनिंग हो गई जिसकी वजह से चयापचय एसिडोसिस (metabolic acidosis) विकसित हो गया। बच्‍चे की स्थिति को संभालने के लिए डॉक्‍टरों ने उसे वेंटिलेटर, गैस्ट्रिक इरिगेशन और अल्‍कालाइन ट्रीटमेंट देने की कोशिश की। लेकिन दो घंटे में ही बच्‍चे की हालत और बिगड़ गई और वह कोमा में चला गया। डॉक्‍टरों ने माता-पिता को बताया कि अब बच्‍चे को सिर्फ लिवर ट्रांसप्‍लांट के जरिए ही बचाया जा सकता है।

क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर 

डॉ. फान होंग सांग पिछले साल की ऐसी ही एक घटना के बारे में बताते हैं जब पैरासिटामोल विषाक्तता (Paracetamol overdose) के कारण अस्पताल में तीन वर्षीय बच्‍चे की मौत हो गई थी। इसकी ओवरडोज बहुत खतरनाक है। इसलिए बच्‍चे को पेरासिटामोल देने से पहले चिकित्‍सक से परामर्श अवश्‍य करें। पैरासिटामोल पॉयजनिंग जिसे एसिटामिनोफेन पॉयजनिंग के रूप में जाना जाता है, एसिटामिनोफेन की अधिकता के कारण होती  है। इससे लिवर डैमेज, अग्नाशयशोथ और मृत्यु  भी हो सकती है।

paracetamol-dose-for-kids बच्चे के वजन को जानें और उसी के अनुसार खुराक डिवाइस के द्वारा ही बच्‍चे को तय मात्रा दें।

ऐसे सुनिश्चित करें पेरासिटामोल की सही खुराक (Paracetamol overdose)

पेरासिटामोल देने से पहले दवा लेबल और पैकेजिंग जरूर पढ़ें।

बच्चे के वजन को जानें और उसी के अनुसार खुराक डिवाइस के द्वारा ही बच्‍चे को तय मात्रा दें।

कभी भी चिकित्‍सक की सलाह के बगैर छोटे बच्‍चों को कोई दवा न दें।

एक महीने से 12 साल तक के बच्चों को उनके वजन के हिसाब से 15mg  प्रति किग्रा से अधिक नहीं देनी चाहिए।

एक से दूसरी खुराक के बीच कम से कम चार से छह घंटे का अंतराल हो।

24 घंटों में चार से अधिक खुराक नहीं देनी चाहिए।

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