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Written By: Editorial Team | Updated : July 11, 2018 9:33 AM IST
स्तनपान करने वाले शिशुओं की तुलना में ठोस आहार लेने वाले शिशुओं में नींद की समस्या कम होती है। शोध में पाया गया है जिन शिशुओं को जल्दी ठोस आहार देना शुरू किया गया, वे ज्यादा देर तक सोते हैं और रात में कम उठते हैं, और उन्हें जीवन के पहले छह महीने के दौरान स्तनपान पर निर्भर रहने वाले शिशुओं की तुलना में नींद की गंभीर समस्या कम होती है।
किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर ग्रिडेओन लैक ने कहा, "यद्यपि आधिकारिक सलाह यह है कि ठोस आहार देने से शिशुओं में रात के समय सोने की संभावना ज्यादा नहीं होती है, वहीं यह शोध कहता है कि इस सलाह को हमारे जुटाए गए साक्ष्यों के आलोक में फिर से जांच करने की जरूरत है।"
इस शोध का प्रकाशन पत्रिका 'जामा पीडियाट्रिक्स' में किया गया है। शोधकर्ताओं ने 1,303 विशेष रूप से स्तनपान वाले तीन महीने के शिशुओं को दो समूहों में बांटकर इनका अध्ययन किया।
स्रोत: IANS Hindi.
चित्रस्रोत: Shutterstock.